चीन का चौथा एयरक्राफ्ट कैरियर: अमेरिका को चुनौती देने की तैयारी?
चीन का चौथा एयरक्राफ्ट कैरियर! क्या समंदर में अमेरिका को सीधी चुनौती देने की है तैयारी?
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चीन ने अपने चौथे एयरक्राफ्ट कैरियर का संकेत दिया है, जो परमाणु ऊर्जा से चल सकता है। यह कदम अमेरिका के समुद्री प्रभुत्व को चुनौती देने की दिशा में है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह ताइवान पर कब्जे के इरादे से भी जुड़ा हो सकता है।
- 01चीन का चौथा एयरक्राफ्ट कैरियर संभवतः परमाणु ऊर्जा से चलेगा।
- 02यह अमेरिका के 11 एयरक्राफ्ट कैरियरों को सीधी चुनौती देगा।
- 03चीन की समुद्री ताकत में तेजी से वृद्धि हो रही है।
- 04यह कदम ताइवान पर कब्जे की संभावनाओं को दर्शाता है।
- 05चीन की नेवी की बढ़ती ताकत भारत की समुद्री सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है।
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चीन ने अपने चौथे एयरक्राफ्ट कैरियर का संकेत दिया है, जो संभवतः परमाणु ऊर्जा से संचालित होगा। यह कदम चीन की समुद्री ताकत को बढ़ाने और अमेरिका के समुद्री प्रभुत्व को चुनौती देने की दिशा में महत्वपूर्ण है। वर्तमान में, चीन के पास तीन एयरक्राफ्ट कैरियर हैं, जिनमें लियाओनिंग, शानडोंग और फुजियान शामिल हैं। नए एयरक्राफ्ट कैरियर का वजन लगभग एक लाख टन हो सकता है और इसमें 80 से 100 लड़ाकू विमान तैनात किए जा सकते हैं। चीन का यह प्रयास ताइवान पर कब्जे की संभावनाओं को भी बढ़ाता है, क्योंकि चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है। हाल ही में, ताइवान की विपक्षी पार्टी की नेता चीन गई थीं, जिससे स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई है। अमेरिका के पास 11 एयरक्राफ्ट कैरियर हैं, जबकि भारत के पास दो हैं। चीन की बढ़ती नेवी शक्ति भारत की समुद्री सुरक्षा के लिए एक नई चुनौती प्रस्तुत कर रही है।
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चीन की बढ़ती समुद्री ताकत भारत की समुद्री सुरक्षा को चुनौती दे रही है।
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