झारखंड हाई कोर्ट ने लक्ष्मी मेंशन को ध्वस्त करने के लिए सरकार से मांगा जवाब
जमशेदपुर का 'लक्ष्मी मेंशन' कभी भी हो सकता है जमींदोज, हाई कोर्ट ने सरकार और JNAC से मांगा जवाब

Image: Jagran
झारखंड हाई कोर्ट ने जमशेदपुर के लक्ष्मी मेंशन भवन को ध्वस्त करने के मामले में राज्य सरकार और जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया कमेटी (JNAC) से जल्द जवाब देने को कहा है। भवन की जर्जर स्थिति के कारण इसे खतरनाक घोषित किया गया है, और किराएदारों से भी अपना पक्ष रखने को कहा गया है।
- 01हाई कोर्ट ने लक्ष्मी मेंशन को ध्वस्त करने के लिए राज्य सरकार और JNAC को शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है।
- 02जमशेदपुर के उपायुक्त ने अदालत को बताया कि कुछ किराएदारों ने अब तक फ्लैट खाली नहीं किए हैं।
- 03NIT जमशेदपुर की तकनीकी टीम ने लक्ष्मी मेंशन को असुरक्षित और खतरनाक घोषित किया है।
- 04याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि भवन कभी भी गिर सकता है, जिससे जान-माल का नुकसान हो सकता है।
- 05अदालत ने किराएदारों को भी अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया है।
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झारखंड हाई कोर्ट ने जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित लक्ष्मी मेंशन भवन को ध्वस्त करने के मामले में गंभीर रुख अपनाया है। जस्टिस संजय प्रसाद की अदालत ने राज्य सरकार और जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया कमेटी (JNAC) को जल्द से जल्द शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान, जमशेदपुर के उपायुक्त ने अदालत को बताया कि JNAC ने दो महीने पहले ही इस भवन को खाली कराने और ध्वस्त करने का आदेश पारित किया था, लेकिन कुछ किराएदारों ने अब तक फ्लैट खाली नहीं किए हैं। अपर महाधिवक्ता सचिन कुमार ने अदालत को बताया कि NIT जमशेदपुर की तकनीकी टीम ने लक्ष्मी मेंशन को पूरी तरह असुरक्षित और खतरनाक घोषित किया है। याचिकाकर्ता दुमकेश्वर महतो के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि भवन की स्थिति बहुत दयनीय है और यह कभी भी गिर सकता है, जिससे जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है। अदालत ने किराएदारों को भी अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया है, जिससे मामले की आगे की सुनवाई की जा सके।
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अगर लक्ष्मी मेंशन को तुरंत नहीं ध्वस्त किया गया, तो इससे जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है।
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