मोदी सरकार ने एयरलाइंस के लिए 10,000 करोड़ रुपये का राहत पैकेज घोषित किया
अब नहीं बढ़ेगा हवाई किराया, एविएशन सेक्टर के लिए मोदी सरकार का बड़ा ऐलान, 10000 करोड़ के राहत पैकेज को हरी झंडी

Image: Jagran
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एयरलाइंस को राहत देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का ब्याज-मुक्त पैकेज मंजूर किया है। इससे विमान ईंधन की कीमतों में स्थिरता आएगी, जिससे हवाई किराए में वृद्धि नहीं होगी।
- 01सरकार ने एयरलाइंस को 10,000 करोड़ रुपये का ब्याज-मुक्त पैकेज मंजूर किया है।
- 02एटीएफ की कीमतों में स्थिरता लाने के लिए मूल्य स्थिरीकरण फंड बनाया जाएगा।
- 03पश्चिम एशिया में संकट के कारण वैश्विक एटीएफ कीमतों में भारी उछाल आया है।
- 04योजना के तहत एयरलाइंस को अधिकतम तीन वर्ष तक केवल ओएमसी से एटीएफ खरीदना होगा।
- 05निगरानी समिति और सख्त ऑडिट की व्यवस्था की जाएगी।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एयरलाइंस को राहत देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का ब्याज-मुक्त पैकेज मंजूर किया है। यह निर्णय घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में विमान ईंधन (एटीएफ) की कीमतों में स्थिरता लाएगा, जिससे हवाई किराए में अचानक वृद्धि नहीं होगी। एटीएफ की कीमतों में बढ़ोतरी को रोकने के लिए एक मूल्य स्थिरीकरण फंड बनाया जाएगा। मार्च 2026 में एटीएफ की कीमत 60.50 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर मई 2026 में 142 रुपये प्रति लीटर हो गई थी। इस योजना के अंतर्गत सभी भारतीय अनुसूचित एयरलाइंस इस राहत का लाभ ले सकेंगी, लेकिन उन्हें अधिकतम तीन वर्ष तक केवल ओएमसी से एटीएफ खरीदना होगा। योजना 36 महीने के लिए लागू रहेगी, जिसमें वार्षिक समीक्षा का प्रावधान है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय और अन्य संबंधित विभागों की निगरानी समिति कार्यान्वयन और दावों के सत्यापन की देखरेख करेगी।
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इस राहत पैकेज से एयरलाइंस के परिचालन खर्च में कमी आएगी, जिससे हवाई किराए पर स्थिरता बनी रहेगी।
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