ट्रंप का दावा: 'मेरे बिना इजरायल का अस्तित्व नहीं होता', ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच
'मैं नहीं होता, इजरायल का अस्तित्व भी नहीं होता...', ईरान से जंग के बीच ये क्या बोल गए ट्रंप; अब क्या करेंगे नेतन्याहू?

Image: Zee News
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यदि वह नहीं होते, तो इजरायल का अस्तित्व नहीं होता। यह बयान ईरान के साथ बढ़ते तनाव और कुवैत एयरपोर्ट पर हमले के बाद आया है। ट्रंप ने ईरान परमाणु समझौते से अमेरिका के बाहर निकलने को इजरायल की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया।
- 01ट्रंप ने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए उन्होंने महत्वपूर्ण कदम उठाए।
- 02उन्होंने यह दावा किया कि अगर वह नहीं होते, तो इजरायल का अस्तित्व नहीं होता।
- 03ट्रंप ने ईरान परमाणु समझौते से बाहर निकलने के अपने निर्णय को इजरायल की सुरक्षा के लिए आवश्यक बताया।
- 04यह बयान उस समय आया जब ट्रंप और इजरायली पीएम नेतन्याहू के बीच फोन कॉल पर बहस की खबरें थीं।
- 05ट्रंप ने ओबामा के समय के परमाणु डील को दोषपूर्ण बताते हुए इसे खत्म किया।
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डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक साक्षात्कार में दावा किया कि अगर वह नहीं होते, तो इजरायल का अस्तित्व नहीं होता। यह बयान ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच आया है, जब ईरान ने कुवैत एयरपोर्ट पर हमला किया। ट्रंप ने ईरान परमाणु समझौते से अमेरिका के बाहर निकलने को इजरायल की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह कदम ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए उठाया गया था। ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर ईरान के पास परमाणु हथियार होते, तो वह सबसे पहले इजरायल को निशाना बनाते। यह बयान उस समय आया जब ट्रंप और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के बीच फोन कॉल पर बहस की खबरें आईं। ट्रंप ने ओबामा के समय के परमाणु डील को दोषपूर्ण बताते हुए इसे खत्म किया और कहा कि यह समझौता ईरान को परमाणु हथियार बनाने से नहीं रोकता।
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इस स्थिति से इजरायल और ईरान के बीच तनाव बढ़ सकता है, जो क्षेत्रीय सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है।
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