जम्मू-कश्मीर में नीट पेपर लीक मामले की SC निगरानी में जांच की मांग
जम्मू-कश्मीर: नीट पेपर लीक मामले में SC की निगरानी में जांच की मांग, कांग्रेस ने बीजेपी पर साधा निशाना
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जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने नीट पेपर लीक मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की है। कांग्रेस का आरोप है कि इस घोटाले से 22 लाख से अधिक छात्र प्रभावित हुए हैं और यह भाजपा सरकार की विफलता का परिणाम है।
- 01कांग्रेस ने नीट पेपर लीक को गंभीर घोटाला बताया।
- 0222 लाख से अधिक छात्र और उनके अभिभावक प्रभावित हुए हैं।
- 03भाजपा शासन में पेपर लीक की घटनाएं बढ़ी हैं।
- 04कांग्रेस ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
- 05इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी की आवश्यकता है।
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जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने नीट पेपर लीक मामले को गंभीर घोटाला मानते हुए इसकी जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इस घोटाले से 22 लाख से अधिक छात्र और उनके अभिभावक प्रभावित हुए हैं, जिससे देश की परीक्षा प्रणाली पर विश्वास कमजोर हुआ है। पार्टी ने भाजपा पर आरोप लगाया कि उनके शासन में पेपर लीक की घटनाएं बढ़ी हैं, जिसके कारण पिछले 10 वर्षों में 89 पेपर लीक मामलों के चलते 48 बार फिर से परीक्षाएं आयोजित करनी पड़ी हैं। कांग्रेस ने इसे सरकार की बड़ी विफलता बताते हुए कहा कि पेपर लीक अब पैसे कमाने का संगठित माध्यम बन चुका है। नेताओं ने राहुल गांधी द्वारा उठाए गए मुद्दों का समर्थन करते हुए कहा कि यह घोटाला लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की ताकि इस घोटाले के पीछे मौजूद नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाई जा सके।
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इस मामले की जांच से छात्रों और अभिभावकों को न्याय मिलने की उम्मीद है और परीक्षा प्रणाली में सुधार की संभावना है।
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