हजारीबाग मेडिकल कॉलेज में थैलेसीमिया पीड़ित महिला की मौत पर हंगामा
हजारीबाग मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन मांगती रही थैलेसीमिया पीड़ित महिला, इमरजेंसी पहुंचते ही हुई मौत
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हजारीबाग, झारखंड में शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक थैलेसीमिया पीड़ित महिला, सरिता देवी, की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया और इमरजेंसी में शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया।
- 01सरिता देवी की मौत पर परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए।
- 02महिला को सांस लेने में परेशानी थी, लेकिन डॉक्टरों ने इसे नजरअंदाज किया।
- 03परिजनों का कहना है कि समय पर ऑक्सीजन मिलती तो महिला की जान बच सकती थी।
- 04हंगामे के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
- 05मृतका के पति ने अस्पताल अधीक्षक और पुलिस को शिकायत देने की बात कही।
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हजारीबाग, झारखंड में शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक 36 वर्षीय थैलेसीमिया पीड़ित महिला, सरिता देवी, की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मियों ने उनकी पत्नी की गंभीर स्थिति को नजरअंदाज किया। मंजीत कुमार, सरिता के पति, ने कहा कि उन्होंने डॉक्टरों को बताया था कि उनकी पत्नी को सांस लेने में परेशानी हो रही है और ऑक्सीजन लेवल कम है, लेकिन डॉक्टरों ने इसे केवल खून की कमी समझा और उन्हें महिला वार्ड में भर्ती कर दिया। इसके बाद, सरिता को एक्स-रे के लिए भेजा गया, जहां उनकी तबीयत बिगड़ गई। जब उन्हें आईसीयू में ले जाया गया, तो वहां आवश्यक कागजात नहीं होने के कारण उन्हें वापस भेज दिया गया। अंततः, जब उन्हें केंद्रीय इमरजेंसी में ले जाया गया, तो डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया और चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल उठाए। सरिता देवी अपने पीछे एक सात वर्षीय बेटी छोड़ गई हैं।
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यह घटना स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठाती है और मरीजों के इलाज में लापरवाही के मामलों को उजागर करती है।
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