नर्मदापुरम के बच्चों ने स्कूल बचाने के लिए किया अनोखा प्रदर्शन
हाथों में किताबें, आंखों में आंसू, स्कूल को बचाने के लिए आगे आए बच्चे, फिर कर डाला ऐसा काम

Image: News 18 Hindi
नर्मदापुरम जिले के पथरोटा में टैगोर स्कूल को बंद होने से रोकने के लिए स्थानीय नागरिकों ने एक किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनाई। प्रदर्शन में सैकड़ों लोग शामिल हुए, जिनमें बच्चे भी थे, जो स्कूल की सुरक्षा के लिए चिंतित थे।
- 01टैगोर स्कूल, जो 37 साल पुराना है, को बंद करने का निर्णय लिया गया है क्योंकि भवन जर्जर हो चुका है।
- 02प्रदर्शन में शामिल 350 से अधिक बच्चे नर्सरी से कक्षा 8 तक पढ़ाई कर रहे हैं।
- 03प्रदर्शनकारियों ने स्कूल बंद करने के निर्णय को साजिश बताया और आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।
- 04बीआरसी केसला ने आश्वासन दिया कि वे इस मामले की रिपोर्ट शासन को भेजेंगी।
- 05प्रदर्शन में बच्चों की आंखों में आंसू थे, जो स्कूल की भविष्य के लिए चिंतित थे।
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नर्मदापुरम जिले के पथरोटा में टैगोर स्कूल को बंद होने से रोकने के लिए गुरुवार शाम को स्थानीय नागरिकों ने एक विशाल प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में सैकड़ों लोगों ने भाग लिया और लगभग 1 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनाई। इस प्रदर्शन में बच्चों ने हाथों में किताबें लेकर भाग लिया, जबकि कई बच्चों की आंखों में आंसू थे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि स्कूल बंद होता है, तो इससे बच्चों की पढ़ाई पर गंभीर असर पड़ेगा। स्कूल का भवन जर्जर हो चुका है और मैनिट द्वारा कराए गए स्ट्रक्चर स्टेबिलिटी टेस्ट में यह फेल हो गया था। बीआरसी केसला ने कहा कि स्कूल को बंद नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे बच्चों का भविष्य प्रभावित होगा। आंदोलन के सूत्रधार संदीप महतो ने आरोप लगाया कि स्कूल बंद करने की प्रक्रिया एक साजिश है। उन्होंने कहा कि यदि पावरग्रिड प्रबंधन ने अपना निर्णय वापस नहीं लिया, तो आंदोलन जारी रहेगा।
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स्कूल बंद होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी और उनके भविष्य पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
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