मटुकनाथ चौधरी की राजनीतिक एंट्री: युवाओं से बांकीपुर उपचुनाव में बदलाव की अपील
‘तोड़ दो सारे बंधन एक परिवार के’, ‘लव गुरु’ मटुकनाथ चौधरी अब राजनीति के मैदान में! बांकीपुर उपचुनाव पर युवाओं से की बड़ी अपील

Image: News 18 Hindi
पटना विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर मटुकनाथ चौधरी ने बांकीपुर उपचुनाव में युवाओं को एक नए राजनीतिक विकल्प को चुनने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने प्रशांत किशोर के समर्थन में एक कविता के माध्यम से प्रतिगामी पार्टियों पर हमला किया है, जिससे उनका पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
- 01मटुकनाथ चौधरी ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए प्रशांत किशोर का समर्थन किया है।
- 02उन्होंने अपनी कविता में युवाओं से प्रतिगामी पार्टियों के खिलाफ वोट देने का आह्वान किया।
- 03चौधरी का पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना।
- 04बांकीपुर सीट शहरी और युवा मतदाताओं की है, इसलिए युवाओं को प्रभावित करना महत्वपूर्ण है।
- 05उनकी कविता में 'युवा शक्ति' और 'वोट से चोट' जैसे शब्दों का उपयोग किया गया है।
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बिहार की राजनीतिक स्थिति में एक नया मोड़ आया है जब पटना विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर मटुकनाथ चौधरी ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में युवाओं से एक नए राजनीतिक विकल्प को चुनने का आह्वान किया। उन्होंने प्रशांत किशोर का खुला समर्थन करते हुए एक कविता लिखी, जिसमें उन्होंने प्रतिगामी पार्टियों पर तीखा प्रहार किया। चौधरी ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा, “तोड़ो गढ़ प्रतिगामी पार्टी के... बांकीपुर के युवा-शक्तियों!” उनका यह संदेश युवाओं को सक्रिय करने के लिए है, खासकर जब बिहार में नई राजनीतिक जमीन बनाने की कोशिशें तेज हैं। मटुकनाथ का यह पोस्ट भाजपा के खिलाफ एक राजनीतिक टिप्पणी के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि उन्होंने सीधे पार्टी का नाम नहीं लिया। इस प्रकार, मटुकनाथ चौधरी का यह कदम बिहार की राजनीति में एक नए बदलाव का संकेत दे रहा है।
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मटुकनाथ चौधरी का यह राजनीतिक बयान युवाओं को प्रेरित कर सकता है और बिहार की राजनीतिक दिशा को प्रभावित कर सकता है।
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