आस्था की आड़ में इमाम खेल रहा था घिनौना खेल, खुद के अंदर जिन्न बताकर मासूम बच्चियों-महिलाओं से रेप; अब उम्रकैद
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लंदन में एक पूर्व इमाम को अपनी ही धार्मिक पहचान और रसूख का फायदा उठाकर महिला श्रद्धालुओं का यौन शोषण करने के जुर्म में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. आरोपी अब्दुल हलीम खान खुद के पास आध्यात्मिक शक्तियां होने का ढोंग करता था. वह 'जिन्न और काले जादू' का खौफ दिखाकर मासूम बच्चियों-महिलाओं को अपनी हवस का शिकार बनाता था. मेट्रोपॉलिटन पुलिस की लंबी जांच के बाद अदालत ने इस ढोंगी को उसके किए की सख्त सजा दी है.लंदन की स्नेयर्सब्रुक क्राउन कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद जस्टिस लेस्ली कथबर्ट ने अब्दुल हलीम खान को उम्रकैद (लाइफ इम्प्रिजनमेंट) की सजा सुनाई. कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया है कि खान को पैरोल पर विचार किए जाने से पहले कम से कम 20 साल जेल की सलाखों के पीछे काटने होंगे. खान को साल 2004 से 2015 के बीच सात महिलाओं और बच्चियों के साथ रेप, यौन उत्पीड़न और बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों सहित कुल 21 मामलों में दोषी पाया गया है.बांग्लादेशी समुदाय को बनाया निशानाअदालत की कार्यवाही के दौरान यह बात सामने आई कि अब्दुल हलीम खान ने पूर्वी लंदन के टॉवर हैमलेट्स इलाके में रहने वाले बांग्लादेशी मुस्लिम समुदाय की महिलाओं और लड़कियों को खास तौर पर अपना निशाना बनाया. उसे पता था कि इलाके में एक धार्मिक गुरु (इमाम) के रूप में उसका बड़ा सम्मान है, इसलिए पीड़ित समाज और लोक-लाज के डर से कभी उसके खिलाफ मुंह नहीं खोल पाएंगे. वह पीड़ितों को सुनसान जगहों या फिर उनके ही घरों में अकेला पाकर अपनी हवस का शिकार बनाता था.वह महिलाओं को अपने वश में करने के लिए खुद के भीतर जिन्न होने का नाटक करता था. आरोपी पीड़ितों को डराता था कि अगर उन्होंने इस बारे में किसी को भी बताया, तो वह उन पर और उनके परिवारों पर 'काला जादू' कर देगा, जिससे उनका भारी नुकसान हो जाएगा.इसी खौफ की वजह से पीड़ित लड़कियां सालों तक चुप रहीं और घुटती रहीं. लेकिन जब साल 2018 में सबसे छोटी पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर अपने स्कूल के टीचर को इस जुल्म की जानकारी दी, तब जाकर इस हैवान बन चुके शख्स का मुखौटा उतरा.यह भी पढ़ें: Nepal Custom Duty: नेपाल के पीएम बालेन शाह को बड़ा झटका, भारत से 100 रुपये के सामान पर टैक्स लगाने के प्लान पर फिरा पानी8 साल की लंबी लड़ाई और 50 गवाहों से खुला राजइस संवेदनशील मामले की जांच के दौरान पुलिस को कई और पीड़ितों के बारे में पता चला. क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (CPS) और मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने मिलकर एक दशक से भी ज्यादा पुराने इस मामले की कड़ियों को जोड़ा.चूंकि मामला धार्मिक और आध्यात्मिक विश्वासों (जैसे जिन्न और काला जादू) से जुड़ा था, इसलिए जूरी को पूरी बात समझाने के लिए बकायदा एक सांस्कृतिक विशेषज्ञ (कल्चरल एक्सपर्ट) की मदद ली गई. पीड़ितों को कोर्ट के सामने गवाही देने में कोई परेशानी या डर न हो, इसके लिए उनकी क्रॉस-एग्जामिनेशन को पहले ही रिकॉर्ड कर लिया गया था.जांच के दौरान पुलिस ने 50 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए और 10 मोबाइल फोन खंगाले. हालांकि, जब पुलिस ने खान से पूछताछ की, तो वह लगातार अपने गुनाहों से मुकरता रहा. उसने इसे अपने खिलाफ एक साजिश बताया और दावा किया कि पीड़ितों ने बदला लेने के लिए यह झूठी कहानी गढ़ी है. लेकिन अदालत में उसके ये पैंतरे काम नहीं आए और जूरी ने उसे 9 रेप, 4 यौन उत्पीड़न, और बच्चों के साथ गंभीर यौन अपराधों सहित सभी 21 मामलों में दोषी करार दिया.यह भी पढ़ें: 'मोबाइल दो, वरना बंदूक निकाल लेंगे', प्रेस कॉन्फ्रेंस में बौखलाए पुतिन के दूत, पत्रकार को दी बाहर निकलने की धमकी
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