नकली सोने का जाल बिछाकर कर चुके हैं करोड़ों की ठगी, गुजरात से हरियाणा तक फैले गिरोह का भंडाफोड़
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महावीर यादव, बादशाहपुर। नकली सोने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है। जिला एवं सत्र न्यायधीश नरेंद्र सूरा की अदालत ने ऐसे ही एक आरोपित सोलंकी प्रभु भाई गुलशन उर्फ कल्पेश की जमानत याचिका खारिज करते हुए उसे संगठित अपराध से जुड़ा आरोपित माना है। अदालत ने कहा कि आरोपी के खिलाफ पहले से विभिन्न राज्यों में 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं और जांच अभी जारी है। सड़क पर मुलाकात से शुरू हुआ करोड़ों की ठगी का खेल आरोपित वड़ोदरा के अजवा रोड स्थित कल्याण नगर सोसायटी निवासी सोलंकी प्रभु भाई गुलशन उर्फ कल्पेश और उसके साथी लोगों को सड़क पर या सुनसान स्थानों पर संपर्क कर उन्हें पुराने सोने-चांदी के सिक्के दिखाते थे। शुरुआत में असली सोने के छोटे टुकड़े या सिक्के देकर भरोसा जीता जाता था। बाद में बड़े पैमाने पर सोना होने का दावा कर सस्ते दामों में बेचने का लालच दिया जाता था। सुशांत लोक निवासी कारोबारी विवेक देवगन के साथ भी इसी तरह ठगी की गई। फरवरी में पंचगांव के पास उनकी कार का टायर फट गया था। इसी दौरान आरोपित उनसे मिला और कुछ सोने-चांदी के सिक्के दिखाए। आरोपित उन्हें तनिष्क और रिलायंस ज्वेलर्स तक ले गया। जहां जांच में सिक्के असली पाए गए। इसके बाद आरोपित ने करीब 10-11 किलो सोना होने का दावा किया और एक करोड़ रुपये में बेचने की बात कही। भरोसा जीतने के लिए आरोपित ने सोने का एक टुकड़ा भी शिकायतकर्ता के पास छोड़ दिया। बाद में 2 मार्च को शिकायतकर्ता से 2.49 करोड़ रुपये नकद और करीब 50 तोला सोना लेकर लगभग 5 किलो नकली धातु यानी पीतल के सिक्के थमा दिए। करोड़ों की नकदी और सोना बरामद जांच के दौरान पुलिस ने आरोपित सोलंकी प्रभु भाई को 12 अप्रैल को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से करीब 220 ग्राम सोने के आभूषण बरामद हुए। दूसरे आरोपित की निशानदेही पर एक इनोवा कार से 2.29 करोड़ रुपये नकद और लगभग 458 ग्राम सोने के जेवर भी बरामद किए गए। आरोपित पर गुजरात, महाराष्ट्र और हरियाणा में दर्ज हैं कई मामले अदालत में पेश रिकार्ड के अनुसार आरोपित के विरुद्ध गुजरात, महाराष्ट्र और हरियाणा सहित कई राज्यों में धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र के मामले दर्ज हैं। 2019 में अहमदाबाद के कोठड़ा सिटी थाने में मामला दर्ज हुआ। 2020 में गुजरात के बापोद, वडोदरा थाने में केस दर्ज हुआ। 2021 में महाराष्ट्र के नासिक और रायगढ़ जिलों में ठगी के दो मामले दर्ज हुए। 2022 में वलसाड के वापी थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ। 2024 और 2025 में गुजरात के सूरत, कमरेज, डूंगरी और पलसाणा थानों में भी कई एफआईआर दर्ज की गईं। पुलिस के अनुसार आरोपित एक संगठित गिरोह के रूप में काम करता था और अलग-अलग राज्यों में इसी तरह लोगों को नकली सोना बेचकर ठगी करता था। अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कहा कि आरोपित के विरुद्ध गंभीर आरोप हैं। उसके आपराधिक रिकार्ड को देखते हुए इस स्तर पर जमानत नहीं दी जा सकती। अदालत ने यह भी माना कि आरोपित एक संगठित गिरोह का सदस्य है और जांच अभी पूरी नहीं हुई है।
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