तिरहुत के सभी जिलों में खुलेंगे थैलेसीमिया डे केयर सेंटर, आयुक्त का निर्देश
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जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Thalassemia Day Care Center: तिरहुत प्रमंडल के सभी जिलों में जल्द ही थैलेसीमिया डे केयर सेंटर खोले जाएंगे। प्रमंडलीय आयुक्त गिरवरदयाल सिंह ने थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए रक्त उपलब्धता की समीक्षा बैठक के दौरान यह निर्देश जारी किया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को सभी जिलों में समन्वय स्थापित कर इस दिशा में तेजी से काम करने को कहा। नियमित रक्त उपलब्ध कराने का निर्देश आयुक्त ने जिले में निबंधित 105 थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को नियमित रूप से रक्त उपलब्ध कराने का टास्क अधिकारियों को दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे मरीजों की सूची लगातार अपडेट रखी जाए और उनकी जरूरत के अनुसार ब्लड बैंक में पर्याप्त मात्रा में रक्त उपलब्ध रहे। ब्लड बैंकों की व्यवस्था की समीक्षा समीक्षा बैठक में एसकेएमसीएच के थैलेसीमिया डे केयर सेंटर, जिला अस्पताल और निजी ब्लड बैंकों में रक्त भंडारण एवं वितरण व्यवस्था की जानकारी ली गई। आयुक्त ने कहा कि रक्त संग्रहण और वितरण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित होनी चाहिए ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त मिल सके। ब्लड डिफ्यूजन प्लांट जल्द होगा शुरू आयुक्त ने रेड क्रास सोसाइटी के सचिव को रेड क्रास परिसर में स्थापित ब्लड डिफ्यूजन प्लांट को जल्द चालू कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इसके शुरू होने से रक्त संग्रहण और उपलब्धता की व्यवस्था और मजबूत होगी तथा गंभीर मरीजों को त्वरित सहायता मिल सकेगी। बड़े स्तर पर लगाए जाएंगे रक्तदान शिविर उन्होंने सभी कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं के साथ स्वयंसेवी संगठनों की भागीदारी से व्यापक स्तर पर रक्तदान शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया। साथ ही समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। हर माह पहुंचते हैं थैलेसीमिया मरीज जिला कार्यक्रम प्रबंधक रेहान अशरफ ने बताया कि सदर अस्पताल ब्लड बैंक में हर माह औसतन 20 थैलेसीमिया मरीज रक्त लेने पहुंचते हैं। जनवरी से अप्रैल 2026 तक 37 मरीज रक्त प्राप्त कर चुके हैं। वहीं वर्ष 2025 में 210 मरीजों ने ब्लड बैंक से रक्त लिया था। प्रमंडलीय आयुक्त ने दिए ये प्रमुख निर्देश तिरहुत प्रमंडल के सभी जिलों में थैलेसीमिया डे केयर सेंटर खोले जाएंगे थैलेसीमिया और रक्तदान को लेकर मासिक एवं त्रैमासिक जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक मंचों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा ब्लड बैंकों में पर्याप्त रक्त उपलब्ध रखने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी
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