झांसी में नाबालिग होने के शक में बरात लौटी, दुल्हन की उम्र 18 साबित होने पर मिली शादी की अनुमति
Jhansi News: नाबालिग होने के शक में बिना दुल्हन लौटी बरात
Amar Ujala
Image: Amar Ujala
झांसी, उत्तर प्रदेश में एक दुल्हन के नाबालिग होने के शक में उसकी शादी की रस्में रोक दी गई थीं। मेडिकल टेस्ट में उसकी उम्र 18 वर्ष पाई गई, जिसके बाद बाल कल्याण समिति ने शादी की अनुमति दी। दूल्हा-दुल्हन और परिजन खुशी-खुशी घर लौटे।
- 01दुल्हन के नाबालिग होने के शक में शादी की रस्में रोकी गईं
- 02मेडिकल टेस्ट में दुल्हन की उम्र 18 वर्ष पाई गई
- 03बाल कल्याण समिति ने शादी की अनुमति दी
- 04शिकायत टोल फ्री नंबर 1098 पर की गई थी
- 05बरात को बिना दुल्हन के लौटाया गया था
Advertisement
In-Article Ad
झांसी, उत्तर प्रदेश में एक विवाह समारोह में दुल्हन के नाबालिग होने के शक के चलते बरात बिना दुल्हन के लौट गई। 20 अप्रैल को इस मामले की शिकायत टोल फ्री नंबर 1098 पर की गई थी। बाल कल्याण समिति ने दुल्हन को पेश करने के बाद उसकी उम्र जानने के लिए मेडिकल टेस्ट कराया, जिसमें वह 18 वर्ष पाई गई। इसके बाद, समिति ने विवाह की अनुमति दे दी। दूल्हा, दुल्हन और उनके परिजन खुशी-खुशी घर लौट गए। यह मामला तब शुरू हुआ जब दुल्हन की मां ने अपनी बड़ी पुत्री को विवाह में नहीं बुलाने के कारण नाराज होकर शिकायत की थी। अंततः, दुल्हन की उम्र के प्रमाण पत्र के अभाव में समिति ने काउंसिलिंग की और मेडिकल जांच के बाद अनुमति दी।
Advertisement
In-Article Ad
इस मामले ने विवाह समारोहों में नाबालिगों की उम्र की जांच के महत्व को उजागर किया है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि विवाह समारोहों में नाबालिगों की उम्र की जांच अनिवार्य होनी चाहिए?
Connecting to poll...
More about बाल कल्याण समिति
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




