वित्त मंत्रालय का संकल्प: ₹12 लाख करोड़ का कैपेक्स संकट के बावजूद पूरा होगा
चुनौतियों के बीच वित्त मंत्रालय का संकल्प: संकट के बावजूद पूरा होगा ₹12 लाख करोड़ का कैपेक्स
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भारत के वित्त मंत्रालय ने वित्तीय दबावों के बावजूद ₹12 लाख करोड़ के पूंजीगत व्यय को प्राथमिकता देने का संकल्प लिया है। व्यय सचिव वी. वी. वुआलनम ने कहा कि वित्त वर्ष 2027 में राजमार्ग, रेलवे, और शहरी विकास में मुख्य रूप से खर्च होगा।
- 01वित्त मंत्रालय ने ₹12 लाख करोड़ के पूंजीगत व्यय का संकल्प लिया है।
- 02पश्चिम एशिया संकट के कारण ईंधन आयात में व्यवधान हो रहा है।
- 03सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती की है।
- 04वित्त वर्ष 2027 में 1.5 लाख करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान होने का अनुमान है।
- 05बैंकिंग पर उच्चस्तरीय समिति सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के मुद्दों की समीक्षा करेगी।
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भारत के वित्त मंत्रालय ने वित्तीय दबावों के बावजूद ₹12 लाख करोड़ के पूंजीगत व्यय को प्राथमिकता देने का संकल्प लिया है। व्यय सचिव वी. वी. वुआलनम ने अशोक विश्वविद्यालय में कहा कि वर्तमान वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सरकार तेजी से हर स्थिति का सामना कर रही है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2027 में राजमार्ग, रेलवे, शिपिंग, बंदरगाह और शहरी विकास में मुख्य रूप से पूंजीगत खर्च होगा। पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती के कारण 1.5 लाख करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान होने का अनुमान है। इसके अलावा, वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम नागराजू ने बताया कि बैंकिंग पर उच्चस्तरीय समिति सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के बहीखाते से संबंधित मुद्दों की समीक्षा करेगी, जिससे उनकी पूंजी का बेहतर उपयोग हो सके।
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सरकार की इस पहल से विकास कार्यों में तेजी आएगी, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।
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