भारत में खाद की उपलब्धता पर संकट का सामना, सरकार ने दी राहत की जानकारी
मिडिल ईस्ट संकट: खाद की कमी होगी या नहीं? सरकार ने दिया बड़ा अपडेट
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भारत सरकार ने मध्य-पूर्व एशिया में संघर्ष के बावजूद खरीफ सीजन 2026 के लिए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता की पुष्टि की है। मंत्रालय ने बताया कि उर्वरक की आवश्यकता 390.54 लाख मीट्रिक टन है, जबकि मौजूदा स्टॉक 193.38 लाख मीट्रिक टन है, जो सामान्य स्तर से काफी अधिक है।
- 01खरीफ 2026 के लिए उर्वरक की आवश्यकता 390.54 लाख मीट्रिक टन है।
- 02मौजूदा उर्वरक स्टॉक 193.38 लाख मीट्रिक टन है, जो सामान्य स्तर से अधिक है।
- 03भारत ने पिछले दो महीनों में 38.07 लाख मीट्रिक टन यूरिया की सप्लाई सुनिश्चित की है।
- 04ग्लोबल टेंडर के माध्यम से रूस, मोरक्को और सऊदी अरब से उर्वरक का आयात किया गया है।
- 05कृषि मंत्रालय ने खाद की बिक्री की निगरानी के लिए कड़े कदम उठाए हैं।
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भारत सरकार ने मध्य-पूर्व एशिया में संघर्ष के बावजूद खरीफ सीजन 2026 के लिए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता की पुष्टि की है। केमिकल और फर्टिलाइजर मंत्रालय ने बताया कि इस सीजन के लिए उर्वरक की आवश्यकता 390.54 लाख मीट्रिक टन है, जबकि मौजूदा स्टॉक 193.38 लाख मीट्रिक टन है, जो सामान्य स्तर से 33% अधिक है। सरकार ने यह भी कहा कि यूरिया और DAP की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। खाड़ी क्षेत्र से उर्वरक का आयात भारत के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यूरिया का 20-30% और DAP का 30% आयात इसी क्षेत्र से होता है। संकट के बावजूद, सरकार ने वैश्विक टेंडर जारी कर 38.07 लाख मीट्रिक टन यूरिया की सप्लाई सुनिश्चित की है। इसके अलावा, कृषि मंत्रालय ने खाद की बिक्री की निगरानी के लिए कड़े कदम उठाए हैं ताकि किसी भी स्तर पर कृषि इनपुट की कमी न हो।
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इससे किसानों को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, जिससे कृषि उत्पादन में स्थिरता बनी रहेगी।
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