जर्मनी की UNSC में हार: भारत के लिए नई चुनौतियाँ
UNSC में रूस के दांव से हारा जर्मनी, भारत के लिए क्यों चेतावनी? संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता की राह मुश्किल
Image: Nbt Navbharattimes
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में अस्थायी सीट के लिए मतदान में जर्मनी को हार का सामना करना पड़ा है। यह हार भारत के लिए चेतावनी है, क्योंकि जर्मनी G-4 समूह का सदस्य है, जो स्थायी सदस्यता के लिए प्रयासरत है। रूस ने जर्मनी के खिलाफ लॉबिंग की, जिसका असर मतदान पर पड़ा।
- 01जर्मनी को UNSC की अस्थायी सदस्यता के लिए 104 वोट मिले, जबकि ऑस्ट्रिया और पुर्तगाल को क्रमशः 131 और 134 वोट मिले।
- 02जर्मनी G-4 समूह का हिस्सा है, जिसमें भारत, ब्राजील और जापान शामिल हैं, जो UNSC में स्थायी सदस्यता की मांग कर रहे हैं।
- 03रूस ने जर्मनी के खिलाफ लॉबिंग अभियान चलाया, जिसका कारण जर्मनी का यूक्रेन के प्रति समर्थन था।
- 04जर्मन विदेश मंत्री जोहान वेडेफुल ने इस हार को निराशाजनक बताया और UNSC में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।
- 05UNSC में चुने गए नए अस्थायी सदस्यों में पुर्तगाल, ऑस्ट्रिया, जिम्बाब्वे, त्रिनिदाद और टोबैगो, और किर्गिस्तान शामिल हैं।
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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में अस्थायी सदस्यता के लिए मतदान में जर्मनी को हार का सामना करना पड़ा है, जिससे उसकी दो साल की अस्थायी सदस्यता की उम्मीदें समाप्त हो गई हैं। जर्मनी को 104 वोट मिले, जबकि ऑस्ट्रिया और पुर्तगाल ने क्रमशः 131 और 134 वोट हासिल किए। जर्मनी G-4 समूह का हिस्सा है, जिसमें भारत, ब्राजील और जापान शामिल हैं, जो UNSC में स्थायी सदस्यता की मांग कर रहे हैं। इस हार को भारत के लिए चेतावनी माना जा रहा है, क्योंकि जर्मनी की असफलता UNSC में स्थायी सदस्य बनने की कोशिश के लिए एक सबक है। जर्मन विदेश मंत्री जोहान वेडेफुल ने कहा कि रूस ने जर्मनी के खिलाफ लॉबिंग की, जिसका असर मतदान पर पड़ा। इस हार के बाद, भारत को G-4 की रणनीति पर नए सिरे से विचार करने की आवश्यकता होगी।
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जर्मनी की हार भारत के लिए UNSC में स्थायी सदस्यता के प्रयासों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।
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