राजनाथ सिंह की अगुवाई में एससीओ रक्षामंत्रियों की बैठक, पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा
SCO रक्षामंत्रियों की बैठक में शामिल होंगे राजनाथ सिंह, पश्चिम एशिया संकट से बने हालातों पर होगी चर्चा
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भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 28 अप्रैल को किर्गिस्तान के बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों की बैठक में भाग लेंगे। बैठक में ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध से उत्पन्न वैश्विक हालात, आतंकवाद और क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा होगी।
- 01राजनाथ सिंह एससीओ बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
- 02बैठक में पश्चिम एशिया संकट और वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा होगी।
- 03ईरान एससीओ का सदस्य देश है, जिससे बैठक का महत्व बढ़ता है।
- 04भारत आतंकवाद के प्रति अपने जीरो टॉलरेंस दृष्टिकोण को दोहराएगा।
- 05बैठक के दौरान द्विपक्षीय वार्ताओं की भी संभावना है।
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28 अप्रैल को किर्गिस्तान के बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों की बैठक में वैश्विक-क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इस बैठक में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। बैठक का मुख्य ध्यान पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष से उत्पन्न हालात पर होगा। यह एससीओ का पहला मंत्री स्तरीय सम्मेलन है, जिसमें रूस को छोड़कर अधिकांश देश मध्यपूर्व और खाड़ी देशों पर अपनी ईंधन की जरूरतों के लिए निर्भर हैं। बैठक में आतंकवाद, अंतर्राष्ट्रीय शांति, और एससीओ सदस्य देशों के बीच रक्षा सहयोग पर भी विचार किया जाएगा। राजनाथ सिंह भारत के आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस दृष्टिकोण को दोहराएंगे और कुछ सदस्य देशों के रक्षा मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय वार्ताओं की संभावना भी है।
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यह बैठक भारत के लिए वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
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