भारत का 'फाइव आईज' गठबंधन से दूर रहना: न्यूजीलैंड के साथ व्यापार समझौता
Five Eyes Alliance: भारत इसका हिस्सा नहीं, पांच में तीन देशों से हो गई डील,अमेरिका-कनाडा से भी बात, मतलब क्या?
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर मुहर लग रही है, जबकि भारत 'फाइव आईज' गठबंधन का हिस्सा नहीं है। यह समझौता भारत के लिए वैश्विक शक्तियों के साथ संबंधों को मजबूत करने का एक कदम है, जिसमें अमेरिका और कनाडा से भी बातचीत जारी है।
- 01भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता हो रहा है।
- 02भारत 'फाइव आईज' गठबंधन का हिस्सा नहीं है।
- 03भारत ने पहले ऑस्ट्रेलिया और यूनाइटेड किंगडम के साथ भी व्यापार समझौते किए हैं।
- 04अमेरिका और कनाडा के साथ भी व्यापार डील पर चर्चा जारी है।
- 05फाइव आईज गठबंधन एक महत्वपूर्ण खुफिया नेटवर्क है।
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भारत और न्यूजीलैंड के बीच सोमवार को मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर होने जा रहे हैं, जिसे न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने 'पीढ़ी में एक बार होने वाला समझौता' कहा है। हालांकि, भारत 'फाइव आईज' गठबंधन का हिस्सा नहीं है, जो अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड से मिलकर बना है। भारत ने पहले ऑस्ट्रेलिया के साथ 2022 और यूनाइटेड किंगडम के साथ 2025 में व्यापार समझौते किए हैं। वर्तमान में, अमेरिका और कनाडा के साथ भी व्यापार डील पर बातचीत चल रही है। 'फाइव आईज' गठबंधन एक सशक्त खुफिया नेटवर्क है, जो सुरक्षा से जुड़े संवादों की जानकारी साझा करता है। यह गठबंधन जियोपॉलिटिक्स में एक विशेष दबदबा बनाए हुए है।
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भारत के लिए यह समझौता वैश्विक व्यापार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, जिससे व्यापारिक संबंधों में वृद्धि होगी।
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