सोशल मीडिया फॉलोअर्स की अहमियत पर कंवरजीत पेंटल का तंज
दूरदर्शन की महाभारत में शिखंडी बना था ये एक्टर, अब इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स नहीं तो खुद को कहा- मैं एक्टर नहीं
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अभिनेता कंवरजीत पेंटल ने एक रील के माध्यम से बताया कि आजकल फिल्म इंडस्ट्री में कलाकार की पहचान उसके काम से नहीं, बल्कि इंस्टाग्राम फॉलोअर्स से भी जुड़ती है। उन्होंने इस बदलते ट्रेंड पर कटाक्ष किया कि क्या फॉलोअर्स की संख्या ही कलाकार की पहचान तय करती है।
- 01सोशल मीडिया फॉलोअर्स की बढ़ती अहमियत
- 02कंवरजीत पेंटल ने अपने अनुभव साझा किए
- 03इंडस्ट्री में डिजिटल पॉपुलैरिटी का महत्व
- 04अनुभवी कलाकारों के लिए नई चुनौतियाँ
- 05कास्टिंग में अब ऑनलाइन पहुंच भी देखी जाती है
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फिल्म इंडस्ट्री में काम मिलने के लिए केवल एक्टिंग स्किल्स ही नहीं, बल्कि इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स की संख्या भी महत्वपूर्ण हो गई है। कंवरजीत पेंटल, जो दूरदर्शन की 'महाभारत' में शिखंडी का किरदार निभा चुके हैं, ने एक सार्कास्टिक रील के जरिए इस बदलते ट्रेंड पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि आजकल कई बार कलाकारों की पहचान उनके फॉलोअर्स की संख्या से तय होती है। पेंटल ने मजाक में कहा कि उनके इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स नहीं हैं, इसलिए वे खुद को एक्टर नहीं मानते। यह वीडियो दर्शाता है कि कैसे इंडस्ट्री में अनुभव और अभिनय से ज्यादा सोशल मीडिया पर उपस्थिति को महत्व दिया जा रहा है। पेंटल और उनके साथी अभिनेता मनमीत ने इस पर चर्चा की कि क्या जिनके फॉलोअर्स कम हैं, वे एक्टर नहीं माने जाते। इस वीडियो के माध्यम से उन्होंने इस सच्चाई को उजागर किया कि अब कलाकारों को अपनी प्रतिभा के साथ-साथ डिजिटल पॉपुलैरिटी पर भी ध्यान देना पड़ रहा है।
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इस बदलाव से नए कलाकारों को सोशल मीडिया पर सक्रिय रहना पड़ेगा, जबकि अनुभवी कलाकारों को अपनी पहचान बनाए रखने में कठिनाई हो सकती है।
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