भारत में मिग-29K की इजेक्शन सीट का निर्माण, रूस पर निर्भरता समाप्त
मिग-29K की इजेक्शन सीट अब भारत में होगी तैयार, रूस पर निर्भरता खत्म
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भारतीय वायुसेना ने नासिक स्थित बेस रिपेयर डिपो में मिग-29के लड़ाकू विमान की इजेक्शन सीट की मरम्मत और ओवरहालिंग का कार्य स्वदेश में शुरू किया है। इससे भारत की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा और रूस पर निर्भरता समाप्त होगी।
- 01भारतीय वायुसेना ने पहली बार मिग-29के की इजेक्शन सीट की मरम्मत स्वदेश में की है।
- 02अब तक इजेक्शन सीटों को मरम्मत के लिए रूस भेजा जाता था।
- 03इस अवसर पर एयर ऑफिसर कमांडिंग चीफ एयर मार्शल यल्ला उमेश उपस्थित थे।
- 04इजेक्शन सीट एक आपातकालीन सुरक्षा प्रणाली है जो पायलट को खतरे के समय विमान से बाहर निकालती है।
- 05यह कदम भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
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भारतीय वायुसेना ने नासिक स्थित बेस रिपेयर डिपो में मिग-29के लड़ाकू विमान की इजेक्शन सीट की मरम्मत और ओवरहालिंग का कार्य स्वदेश में शुरू किया है। यह एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भारत की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगा और रूस पर निर्भरता को समाप्त करेगा। पहले, मिग-29के की इजेक्शन सीटों को मरम्मत के लिए रूस भेजा जाता था, लेकिन अब यह कार्य भारत में ही किया जाएगा। इस अवसर पर एयर ऑफिसर कमांडिंग चीफ एयर मार्शल यल्ला उमेश ने कहा कि यह उपलब्धि भारतीय नौसेना के लिए महत्वपूर्ण है। इजेक्शन सीट एक आपातकालीन सुरक्षा प्रणाली है, जो पायलट को खतरे के समय, जैसे इंजन खराब होने या मिसाइल हमले के दौरान, विमान से सुरक्षित बाहर निकालती है। इस नई पहल से भारत की रक्षा क्षमताओं में वृद्धि होगी और स्वदेशी निर्माण को बढ़ावा मिलेगा।
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इस पहल से भारतीय वायुसेना की आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी निर्माण को बढ़ावा मिलेगा।
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