रूस ने भारत की मध्यस्थता की क्षमता को सराहा, ईरान-अमेरिका संबंधों में सुधार की संभावना
US-Iran War: ‘भारत करवा सकता है ईरान-अमेरिका में समझौता’, नई दिल्ली में बोले रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, और क्या-क्या कहा?
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रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने नई दिल्ली में कहा कि भारत ईरान और अमेरिका के बीच संवाद स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने भारत की संतुलित विदेश नीति और कूटनीतिक अनुभव की सराहना की, यह सुझाव देते हुए कि भारत क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रभावी हो सकता है।
- 01लावरोव ने कहा कि भारत के पास वर्षों का कूटनीतिक अनुभव है और वह संतुलित संबंध बनाए रखने में सफल रहा है।
- 02भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए पश्चिम एशिया से तेल आपूर्ति महत्वपूर्ण है, जिससे क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखना आवश्यक है।
- 03रूस ने अमेरिका और इजरायल पर आरोप लगाया कि वे ईरान और अरब देशों के बीच दुश्मनी बढ़ा रहे हैं।
- 04भारत की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता को लावरोव के बयान के माध्यम से एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।
- 05भारत सरकार ने अभी इस प्रस्ताव पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
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नई दिल्ली में ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भारत की कूटनीतिक क्षमताओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत, अपनी संतुलित विदेश नीति और वर्षों के कूटनीतिक अनुभव के चलते, ईरान और अमेरिका के बीच संवाद स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। लावरोव ने यह भी बताया कि भारत एक बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता है और पश्चिम एशिया से तेल आपूर्ति उसकी आर्थिक जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने सुझाव दिया कि भारत तेहरान और अबू धाबी जैसे देशों को बातचीत की मेज पर लाकर संभावित संघर्ष को टालने में मदद कर सकता है। इसके साथ ही, लावरोव ने अमेरिका और इजरायल पर ईरान और अरब देशों के बीच दुश्मनी बढ़ाने का आरोप लगाया। भारत की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता को लावरोव के बयान के माध्यम से एक बड़ा संकेत माना जा रहा है, हालांकि भारत सरकार ने अभी इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
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यदि भारत ईरान और अमेरिका के बीच संवाद स्थापित करने में सफल होता है, तो यह क्षेत्र में स्थिरता और ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है।
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