शिवपुरी में बुजुर्ग ने जीते-जी अपनी तेरहवीं का आयोजन किया
शिवपुरी के बुजुर्ग जीते-जी दे रहे हैं अपना 'मृत्युभोज' ! कार्ड में लिखा- 'मुझे तो अपनों ने लूटा, गैरों में...'
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शिवपुरी जिले के ग्राम हाजीनगर में कल्याण सिंह पाल ने अपने परिवार की बेरुखी के चलते अपनी तेरहवीं का कार्ड छपवाया है। उन्होंने अपने कार्ड पर लिखा है कि 'मुझे तो अपनों ने लूटा', जो पारिवारिक रिश्तों में गिरावट का प्रतीक है। यह मामला समाज में गहरे सवाल उठाता है कि क्या हम अपनों को भूलते जा रहे हैं।
- 01कल्याण सिंह पाल ने जीते-जी अपनी तेरहवीं का कार्ड छपवाया है।
- 02कार्ड पर लिखा है, 'मुझे तो अपनों ने लूटा', जो पारिवारिक रिश्तों की गिरावट को दर्शाता है।
- 03यह घटना 16 मई 2026 को आयोजित होने वाली तेरहवीं के लिए है।
- 04बुजुर्ग ने अपनी ही आंखों के सामने अपने मातम का आयोजन करने का निर्णय लिया है।
- 05समाज में रिश्तों की टूटने की कड़वी हकीकत को उजागर करता है।
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शिवपुरी जिले के ग्राम हाजीनगर में रहने वाले कल्याण सिंह पाल ने अपने परिवार की बेरुखी के चलते अपनी तेरहवीं का कार्ड छपवाया है, जो 16 मई 2026 को आयोजित होगा। उन्होंने कार्ड पर लिखा है, 'मुझे तो अपनों ने लूटा, गैरों में कहां दम था', जो उनके दर्द को बयां करता है। यह घटना न केवल एक आयोजन की सूचना है, बल्कि यह पारिवारिक रिश्तों में गिरावट और संवेदनाओं के सिमटते दायरे की सच्चाई को उजागर करती है। कल्याण सिंह ने बताया कि अब इस दुनिया में उनका कोई नहीं है और उन्हें डर है कि उनके मरने के बाद कोई उनकी तेरहवीं करेगा या नहीं। इस घटना ने समाज में रिश्तों की टूटने की कड़वी हकीकत को उजागर किया है और यह सवाल खड़ा किया है कि क्या हम आधुनिकता की दौड़ में अपने अपनों को ही पीछे छोड़ते जा रहे हैं।
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यह घटना समाज में पारिवारिक रिश्तों की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाती है।
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