झारखंड के खूंटी में डीजे पर प्रतिबंध, पारंपरिक पाइका नाच को बढ़ावा
झारखंड के गांवों में अनूठी पहलः DJ हुआ बैन, अब पाइका नाच और ढोल-नगाड़े पर झूमेंगे बाराती
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
झारखंड के खूंटी जिले के कई गांवों में ग्राम सभाओं ने शादियों में डीजे पर प्रतिबंध लगा दिया है। अब बाराती पाइका नाच और ढोल-नगाड़े पर नृत्य करेंगे। यह निर्णय परंपरा और संस्कृति को बचाने के लिए लिया गया है, जिससे कई सामाजिक समस्याओं का समाधान भी होगा।
- 01खूंटी जिले में डीजे पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है।
- 02पारंपरिक पाइका नाच और ढोल-नगाड़े को बढ़ावा दिया जाएगा।
- 03डीजे की आवाज से पशु-पक्षियों और बुजुर्गों को परेशानी हो रही थी।
- 04ग्राम सभा के नियमों का उल्लंघन करने पर 5000 रुपये का जुर्माना लगेगा।
- 05यह कदम स्थानीय संस्कृति और परंपरा को संरक्षित करने के लिए उठाया गया है।
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झारखंड के खूंटी जिले के कई गांवों में ग्राम सभाओं ने शादियों और सामाजिक समारोहों में डीजे के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। इसके स्थान पर बाराती अब पारंपरिक पाइका नाच और ढोल-नगाड़े पर नृत्य करेंगे। यह कदम सदियों पुरानी परंपरा और संस्कृति को बचाने के लिए उठाया गया है। ग्राम सभा के सदस्यों का मानना है कि डीजे की तेज आवाज से गांव के आसपास रहने वाले पशु-पक्षियों के साथ ही वृद्ध और बीमार लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इसके अलावा, डीजे के कारण छेड़छाड़ की घटनाएं भी बढ़ गई थीं। ग्राम सभा ने इस नियम का उल्लंघन करने पर 5000 रुपये का जुर्माना लगाने का भी फैसला किया है। इस प्रकार, यह पहल न केवल परंपरा को संरक्षित करेगी, बल्कि सामाजिक समस्याओं को भी कम करेगी।
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इस निर्णय से गांवों में सामाजिक समारोहों की परंपरा को संरक्षित करने में मदद मिलेगी और स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।
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