प्राची निगम की कहानी: ट्रोलिंग से संघर्ष और 12वीं में सफलता
ट्रोलिंग को पीछे छोड़ प्राची ने कैसे अपना फ़ोकस बनाए रखा और उन्हें किस बात का है मलाल?
The Bbc
Image: The Bbc
प्राची निगम, जो यूपी बोर्ड की 10वीं की टॉपर रह चुकी हैं, ने 12वीं में 91.20% अंक हासिल किए हैं। हालांकि, उन्हें ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा, जिसने उनके आत्मविश्वास को प्रभावित किया। प्राची ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे उन्होंने इस कठिनाई को पार किया और आगे बढ़ने का निर्णय लिया।
- 01प्राची निगम ने 12वीं में 91.20% अंक प्राप्त किए हैं।
- 02सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना करने के बाद प्राची ने खुद को स्वीकार किया।
- 03प्राची ने अपने चेहरे के बालों का इलाज कराया, जो हार्मोनल डिसबैलेंस के कारण थे।
- 04प्राची अब मीडिया से दूरी बनाकर रखना चाहती हैं।
- 05उनकी मां और पिता ने प्राची के मार्क्स पर संतोष व्यक्त किया है।
Advertisement
In-Article Ad
प्राची निगम, जो उत्तर प्रदेश के सीतापुर की निवासी हैं, ने हाल ही में 12वीं कक्षा में 91.20% अंक प्राप्त किए हैं। दो साल पहले, उन्होंने 10वीं में यूपी बोर्ड में टॉप किया था, लेकिन उस समय उनके लुक के कारण उन्हें ट्रोल किया गया था। इस बार, प्राची ने कहा कि उन्हें अपने परिणाम से संतोष है, लेकिन वह टॉप टेन में जगह नहीं बना पाईं, जिससे उन्हें मलाल है। उन्होंने बताया कि ट्रोलिंग के कारण उन्होंने अपने चेहरे के बालों का इलाज कराया, जो हार्मोनल डिसबैलेंस के कारण बढ़ गए थे। प्राची ने कहा कि ट्रोलिंग ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाया, लेकिन अब वह मीडिया से दूरी बनाना चाहती हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि लोग उनकी निजी जिंदगी का सम्मान नहीं करते। उनके परिवार ने भी प्राची के मार्क्स पर संतोष व्यक्त किया है और कहा है कि उन्हें अपनी बेटी की मेहनत पर गर्व है।
Advertisement
In-Article Ad
प्राची की कहानी से यह संदेश मिलता है कि ट्रोलिंग का सामना करने वाले युवा मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दें और खुद को स्वीकारें।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि ट्रोलिंग को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।



