शक्तियों की अर्जन के लिए फतापुर गढ़ पहुंचे शंचूल महादेव
Kullu News: शक्तियां अर्जित करने फतापुर गढ़ पहुंचे शंचूल महादेव
Amar Ujala
Image: Amar Ujala
शंचूल महादेव, जो उपमंडल बंजार के टील बछूट के देवता हैं, हर साल फतापुर गढ़ पहुंचकर शक्तियां अर्जित करते हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और देवी-देवता उनके साथ होते हैं। यह परंपरा प्रजा की सुख-समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
- 01शंचूल महादेव ने फतापुर गढ़ में शक्तियां अर्जित कीं।
- 02यह परंपरा हर साल बैसाख माह में होती है।
- 03श्रद्धालु दूर-दूर से इस कार्यक्रम में शामिल होने आते हैं।
- 04देवता ओलावृष्टि और अच्छी फसल की रक्षा करते हैं।
- 05यह आयोजन स्थानीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
Advertisement
In-Article Ad
शंचूल महादेव, जो कुल्लू जिले के उपमंडल बंजार के टील बछूट के देवता हैं, हर साल बैसाख माह में फतापुर गढ़ पहुंचते हैं। इस अवसर पर ढोल-नगाड़े और सैकड़ों श्रद्धालुओं के साथ उनकी विधिवत पूजा की जाती है। इस दौरान देवता अपनी तपोस्थली में शक्तियां अर्जित करते हैं। शंचूल महादेव अपने क्षेत्र में ओलावृष्टि और अच्छी फसल की रक्षा करते हैं। इस परंपरा के तहत बंजार घाटी के कई अन्य देवी-देवता भी उनके साथ आते हैं। श्रद्धालु इस अलौकिक परंपरा का साक्षी बनने के लिए दूर-दूर से फतापुर गढ़ पहुंचते हैं। देवता के कारदार गोपी चौहान ने बताया कि यह परंपरा हर साल होती है और इसका उद्देश्य प्रजा की सुख-समृद्धि सुनिश्चित करना है।
Advertisement
In-Article Ad
यह आयोजन स्थानीय समुदाय के लिए सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व रखता है, जिससे श्रद्धालुओं को एकजुट होने और अपनी परंपराओं को मनाने का अवसर मिलता है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि ऐसे धार्मिक आयोजनों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।


