आरबीआई के नए नियमों से मोबाइल वॉलेट्स पर खतरा, उद्योग की चिंताएं बढ़ीं
RBI Latest News: मोबाइल वॉलेट्स के बिजनेस पर खतरा, RBI के नए ड्राफ्ट नियमों से बढ़ी कंपनियों की चिंता, क्या है मामला?
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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मोबाइल वॉलेट्स के लिए नए नियमों का ड्राफ्ट जारी किया है, जिससे डिजिटल पेमेंट उद्योग में चिंता बढ़ गई है। नए नियमों के अनुसार, वॉलेट में बैलेंस की सीमा ₹2 लाख, P2P ट्रांजैक्शन की सीमा ₹25,000 और कैश जमा करने की सीमा ₹10,000 होगी। उद्योग ने नियमों पर पुनर्विचार की मांग की है।
- 01आरबीआई के नए ड्राफ्ट नियमों में वॉलेट में बैलेंस की सीमा ₹2 लाख रखने का सुझाव दिया गया है।
- 02प्रीपेड कार्ड्स या वॉलेट्स पर आधारित कई व्यवसाय प्रभावित हो सकते हैं।
- 03P2P ट्रांजैक्शन की महीने की सीमा ₹25,000 तय की गई है।
- 04कैश जमा करने की सीमा को ₹50,000 से घटाकर ₹10,000 कर दिया गया है।
- 05डिजिटल पेमेंट कंपनियां आरबीआई से नियमों के कार्यान्वयन की समयसीमा को 6 से 12 महीने बढ़ाने की अपील कर रही हैं।
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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मोबाइल वॉलेट्स और प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स (PPI) के लिए नए नियमों का ड्राफ्ट जारी किया है, जिससे डिजिटल पेमेंट उद्योग में चिंता की लहर दौड़ गई है। नए नियमों के अनुसार, वॉलेट में अधिकतम बैलेंस ₹2 लाख रखा जा सकेगा, जबकि एक व्यक्ति से दूसरे को पैसे भेजने (P2P) की महीने की सीमा ₹25,000 निर्धारित की गई है। इसके अलावा, वॉलेट में कैश जमा करने की सीमा को ₹50,000 से घटाकर ₹10,000 कर दिया गया है। ये सख्त नियम डिजिटल वॉलेट्स पर आधारित व्यवसायों के लिए कई कमाई के अवसर खत्म कर सकते हैं। एक डिजिटल पेमेंट कंपनी के सीईओ ने बताया कि यदि ये नियम लागू हुए, तो कई सुविधाएं प्रभावित होंगी और व्यवसाय का दायरा सीमित हो जाएगा। उद्योग ने आरबीआई से आग्रह किया है कि वह उनके साथ बैठकर इन प्रस्तावों पर चर्चा करे और नियमों को लागू करने की समयसीमा को 6 से 12 महीने के लिए बढ़ा दे।
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नए नियमों के लागू होने से डिजिटल वॉलेट्स के उपयोगकर्ताओं को सीमित राशि के साथ लेनदेन करने में कठिनाई होगी, जिससे उनकी दैनिक खरीदारी प्रभावित हो सकती है।
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