राजस्थान में मानसून की कमजोर स्थिति और हालिया रेतीले तूफान का विश्लेषण
राजस्थान में इस बार कैसा रहेगा मानसूम, जानें किस वजह से 2 दिन पहले उठा था रेत का खौफनाक बंवडर?

Image: News 18 Hindi
राजस्थान में इस बार मानसून सामान्य से कमजोर रहने की संभावना है, जिसमें बारिश 401 मिमी तक सीमित रह सकती है। हाल ही में 30 मई को आए रेतीले तूफान का कारण अत्यधिक गर्मी और पश्चिमी विक्षोभ थे, जिससे तेज हवाएं चलीं।
- 01इस वर्ष बारिश का अनुमान 401 मिमी है, जो पिछले वर्ष के 715.9 मिमी से 315 मिमी कम है।
- 0230 मई को आया रेतीला तूफान 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाओं के कारण हुआ।
- 03एल नीनो के संकेतों ने मानसून पर प्रतिकूल प्रभाव डालने की चिंता बढ़ा दी है।
- 04पश्चिमी राजस्थान में रेतीले तूफान के कारण दृश्यता में भारी कमी आई।
- 05मौसम विभाग ने अगले एक-दो सप्ताह में फिर से तेज आंधी और धूल भरे तूफानों की संभावना जताई है।
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राजस्थान में इस वर्ष मानसून सामान्य से कमजोर रहने के संकेत हैं, जिसमें बारिश 401 मिमी तक सीमित रहने की संभावना है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, यह पिछले वर्ष की रिकॉर्ड बारिश 715.9 मिमी से 315 मिमी कम है। हाल ही में 30 मई को आए रेतीले तूफान का कारण अत्यधिक गर्मी, पश्चिमी विक्षोभ और शुष्क वातावरण थे, जिससे 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चलीं। इस तूफान ने पश्चिमी राजस्थान को रेत के गुबार में ढक दिया और दृश्यता में भारी कमी आई। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि एल नीनो के उभरते संकेत मानसून पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। अगले एक-दो सप्ताह में फिर से ऐसे ही तूफानों की संभावना है, जिससे राज्य के कई क्षेत्रों में गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
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राजस्थान के मानसून पर कमजोर स्थिति का असर कृषि और जल संसाधनों पर पड़ेगा।
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