कमजोर मानसून से महंगाई और GDP ग्रोथ पर पड़ सकता है गंभीर असर
बारिश नहीं आई तो 'महंगाई डायन खा जाएगी'! नई रिपोर्ट में चेतावनी, चावल-दाल-तेल, सब पर ग्रहण?

Image: News 18 Hindi
नई रिपोर्ट के अनुसार, भारत में कमजोर मानसून महंगाई को बढ़ा सकता है और आर्थिक विकास की गति को धीमा कर सकता है। कृषि उत्पादन पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, जिससे खाद्य वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं।
- 01भारत मौसम विज्ञान विभाग ने इस साल मानसून को सामान्य से कम रहने का अनुमान लगाया है, जो 92% LPA है।
- 02खेतों में 55% फसलें बारिश पर निर्भर हैं, जिससे कृषि उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
- 03खाद्य महंगाई दर में खाद्य वस्तुओं का हिस्सा 46% है, जो बढ़ने पर CPI को प्रभावित करेगा।
- 04कमजोर मानसून से GDP ग्रोथ 6.5% तक घट सकती है, जबकि सामान्य मानसून पर यह 6.8-6.9% रहने की उम्मीद है।
- 05ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े सेक्टर्स जैसे FMCG और ऑटोमोबाइल पर सबसे अधिक असर पड़ेगा।
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भारत की अर्थव्यवस्था के लिए मानसून महत्वपूर्ण है, और एक नई रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि यदि बारिश सामान्य से कम हुई, तो महंगाई बढ़ सकती है और आर्थिक विकास की गति धीमी हो सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने इस वर्ष के लिए मानसून का अनुमान 92% LPA रखा है, जो सामान्य से कम है। रिपोर्ट के अनुसार, 55% कृषि भूमि बारिश पर निर्भर है, जिससे धान, दाल और अन्य फसलों को नुकसान हो सकता है। खाद्य वस्तुओं की कीमतों का उपभोक्ता महंगाई दर में 46% हिस्सा है, और कमजोर बारिश से इनकी कीमतों में वृद्धि हो सकती है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यदि मानसून कमजोर रहा, तो वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में महंगाई बढ़ सकती है। इसके अलावा, GDP ग्रोथ 6.5% तक गिर सकती है, जिससे ग्रामीण मांग और कृषि उत्पादन प्रभावित होंगे।
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कमजोर मानसून से खाद्य वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे आम लोगों की जेब पर असर पड़ेगा।
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