दिल्ली के उपराज्यपाल ने विश्वविद्यालयों को सामाजिक बदलाव के केंद्र बनाने का दिया निर्देश
Delhi: एलजी संधू ने कुलपतियों और निदेशकों के साथ की बैठक, समाधान केंद्रित-एआई आधारित शिक्षा बढ़ाने पर दिया जोर
Amar Ujala
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दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने विश्वविद्यालयों को केवल डिग्री देने वाले संस्थान नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव और रिसर्च के केंद्र बनाने पर जोर दिया। उन्होंने छात्रों की सामाजिक भागीदारी बढ़ाने और एआई जैसी नई तकनीकों के उपयोग की आवश्यकता बताई।
- 01उपराज्यपाल ने विश्वविद्यालयों को सामाजिक बदलाव का केंद्र बनाने का निर्देश दिया।
- 02रिसर्च आधारित समाधान वायु प्रदूषण और ट्रैफिक जैसी समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
- 03छात्रों की सामाजिक भागीदारी बढ़ाने के लिए एनएसएस और एनसीसी जैसी योजनाओं का उपयोग किया जाएगा।
- 04एआई और नई तकनीकों का उपयोग शिक्षा में अनिवार्य बताया गया।
- 05संस्थान को समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया गया।
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दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और निदेशकों के साथ बैठक में शिक्षा संस्थानों को केवल डिग्री देने वाले केंद्रों से आगे बढ़कर रिसर्च और सामाजिक बदलाव के केंद्र बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को दिल्ली की वास्तविक समस्याओं जैसे वायु प्रदूषण और ट्रैफिक के समाधान के लिए रिसर्च आधारित दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। इसके अलावा, छात्रों की सामाजिक भागीदारी बढ़ाने के लिए एनएसएस, एनसीसी और गांव गोद लेने जैसी योजनाओं का उपयोग करने की बात कही गई। संधू ने एआई और नई तकनीकों के महत्व पर भी प्रकाश डाला और सभी संस्थानों को समयबद्ध और ठोस कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया, ताकि शिक्षा और रिसर्च का लाभ सीधे दिल्ली के लोगों तक पहुंच सके।
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यह निर्देश शिक्षा संस्थानों को स्थानीय समस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करेगा, जिससे छात्रों को सामाजिक मुद्दों से जोड़ा जाएगा।
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