तुर्की ने भारत से संबंध सुधारने की इच्छा जताई, साइप्रस के मिसाइल सौदे से प्रभावित
'भारत से चाहते हैं अच्छे संबंध', साइप्रस को ब्रह्मोस मिसाइलें मिलने के डर ने बदले तुर्की के सुर, बढ़ाया दोस्ती का हाथ
Image: Nbt Navbharattimes
तुर्की के विदेश मंत्री हकान फिदान ने भारत के साथ अच्छे संबंध बनाने की इच्छा जताई है, यह तब हुआ जब साइप्रस ने भारत से ब्रह्मोस मिसाइलें खरीदने की इच्छा व्यक्त की। तुर्की का यह नया रुख पाकिस्तान के साथ उसके संबंधों के बावजूद आया है।
- 01तुर्की के विदेश मंत्री ने भारत-तुर्की संबंधों में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया है।
- 02साइप्रस ने भारत से ब्रह्मोस मिसाइलें और कामिकाज ड्रोन खरीदने की इच्छा जताई है।
- 03तुर्की का नया रुख साइप्रस के भारत के साथ रक्षा सौदे के चलते आया है।
- 04फिदान ने भारत से कहा कि पाकिस्तान के साथ तुर्की के संबंधों को भारत-तुर्की संबंधों में बाधा नहीं बनाना चाहिए।
- 05साइप्रस का भारत से रक्षा सौदा तुर्की के लिए एक रणनीतिक झटका साबित हो सकता है।
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तुर्की के विदेश मंत्री हकान फिदान ने भारत के साथ संबंध सुधारने की इच्छा व्यक्त की है, खासकर तब जब साइप्रस ने भारत से ब्रह्मोस मिसाइलें और कामिकाज ड्रोन खरीदने की योजना बनाई है। फिदान ने कहा कि पाकिस्तान के साथ तुर्की के अच्छे संबंधों को भारत-तुर्की संबंधों में बाधा नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि द्विपक्षीय स्तर पर भारत के साथ तुर्की की कोई समस्या नहीं है। साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स ने हाल ही में नई दिल्ली में इस संभावित खरीद पर चर्चा की। यह सौदा तुर्की के लिए एक बड़ा रणनीतिक झटका हो सकता है, विशेषकर जब तुर्की ने उत्तरी साइप्रस पर दशकों से कब्जा किया हुआ है। इस स्थिति ने अंकारा में सुरक्षा हलकों में चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि भारत-साइप्रस का रक्षा सौदा क्षेत्रीय सैन्य संतुलन को प्रभावित कर सकता है।
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साइप्रस का भारत से रक्षा सौदा तुर्की की सुरक्षा स्थिति को प्रभावित कर सकता है।
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