NEET UG 2026 पेपर लीक: केंद्र सरकार ने सख्त कानून लागू किया
पेपर लीक के गुनहगारों को क्या मिलती है सजा, यहां पढ़ें संसद से पारित कानून की एक-एक बात
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NEET UG 2026 परीक्षा को पेपर लीक के कारण रद्द कर दिया गया है, जिससे 22 लाख छात्रों पर असर पड़ा है। केंद्र सरकार ने पेपर लीक और परीक्षा धांधली को रोकने के लिए 2024 में सख्त कानून लागू किया है, जिसमें गंभीर दंड का प्रावधान है।
- 01NEET UG 2026 परीक्षा पेपर लीक के कारण रद्द की गई।
- 02केंद्र सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए 2024 में सख्त कानून लागू किया।
- 03इस कानून के तहत अपराधियों को 3 से 10 साल की जेल और 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
- 04कानून में संगठित नकल गिरोहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है।
- 05छात्रों को भी नकल करने पर अलग नियमों के तहत सजा मिल सकती है।
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NEET UG 2026 की परीक्षा को पेपर लीक के कारण रद्द कर दिया गया है, जिससे देशभर में 22 लाख से अधिक छात्र प्रभावित हुए हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं। छात्रों की तैयारी और मेहनत अब अनिश्चितता में बदल गई है। पेपर लीक और परीक्षा धांधली को रोकने के लिए, सरकार ने 2024 में सार्वजनिक परीक्षा अनुचित साधनों की रोकथाम अधिनियम लागू किया। इस कानून के तहत पेपर लीक करने, OMR शीट में छेड़छाड़, और संगठित नकल गिरोहों के खिलाफ सख्त सजा का प्रावधान है। यदि कोई व्यक्ति पेपर लीक या परीक्षा में अनुचित साधनों का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे 3 से 10 साल की जेल और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। यह कानून छात्रों और संगठित अपराधियों के बीच अंतर करता है, और सामान्य छात्रों पर अलग नियम लागू हो सकते हैं।
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यह कानून छात्रों की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को बढ़ाने में मदद करेगा और पेपर लीक के मामलों में कमी लाएगा।
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