झारखंड में नए विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए उच्चाधिकार समिति का गठन
झारखंड में अब समय पर बनेंगे नए विश्वविद्यालय: उच्चाधिकार समिति संभालेगी कमान, जमीन से भवन तक का तय हुआ डेडलाइन
Jagran
Image: Jagran
झारखंड, भारत में उच्च शिक्षा के सुधार के तहत नए राजकीय विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए उच्चाधिकार समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति का कार्य निर्माण प्रक्रिया की निगरानी करना और सख्त समय सीमा में काम करना होगा, जिसमें एक वर्ष में जमीन और तीन वर्षों में परिसर का विकास शामिल है।
- 01उच्चाधिकार समिति नए विश्वविद्यालयों की स्थापना की निगरानी करेगी।
- 02एक वर्ष में जमीन उपलब्ध कराने और तीन वर्षों में परिसर निर्माण का लक्ष्य है।
- 03समिति में प्रशासनिक और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल होंगे।
- 04झारखंड में वर्तमान में कई विश्वविद्यालय संचालित हैं।
- 05चतरा में बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना प्रस्तावित है।
Advertisement
In-Article Ad
झारखंड राज्य में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए झारखंड राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026 के तहत उच्चाधिकार समिति का गठन किया जाएगा। यह समिति नए राजकीय विश्वविद्यालयों की आवश्यकता का आकलन करेगी और निर्माण से लेकर संचालन तक की पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगी। इस नई व्यवस्था के तहत सख्त समय सीमा निर्धारित की गई है: एक वर्ष के भीतर आवश्यक जमीन उपलब्ध कराई जाएगी और तीन वर्षों के भीतर विश्वविद्यालय परिसर का विकास और भवन निर्माण सुनिश्चित किया जाएगा। इससे पहले विश्वविद्यालयों के भवन निर्माण में देरी और अनियमितताओं की कई शिकायतें आई थीं। उच्च शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता में बनने वाली इस समिति में विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ शामिल होंगे। झारखंड में वर्तमान में कई प्रमुख विश्वविद्यालय संचालित हैं, और चतरा में बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना भी प्रस्तावित है।
Advertisement
In-Article Ad
नई व्यवस्था से विश्वविद्यालयों के निर्माण में तेजी आएगी, जिससे उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि झारखंड में नए विश्वविद्यालयों की स्थापना से उच्च शिक्षा में सुधार होगा?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




