भारत की सीमाओं पर लागू होगा स्मार्ट बॉर्डर मॉडल, सुरक्षा को मिलेगी नई मजबूती
सीमाओं पर डिजिटल पहरा, BSF-SSB क्षेत्रों में लागू होगा स्मार्ट बॉर्डर मॉडल

Image: Globalherald
भारत सरकार ने सीमा सुरक्षा के लिए 'स्मार्ट बॉर्डर' प्रोजेक्ट की घोषणा की है, जो BSF और SSB क्षेत्रों में लागू होगा। यह प्रोजेक्ट तकनीक और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से सीमाओं की सुरक्षा को मजबूत करेगा। गृह मंत्री अमित शाह ने त्रिपुरा में इसकी जानकारी दी।
- 01स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट का उद्देश्य सीमाओं पर एक लीक-प्रूफ सुरक्षा ग्रिड बनाना है।
- 02इस प्रोजेक्ट के तहत 650 किमी पुरानी बाड़ को बदलकर 119 किमी नई बाड़ लगाने की मंजूरी दी गई है।
- 03चार स्तंभों पर आधारित सुरक्षा रणनीति में स्थानीय प्रशासन, जमीनी नेटवर्क, अत्याधुनिक तकनीक और जवानों की मुस्तैदी शामिल हैं।
- 04सीमा चौकियों पर 24 घंटे बिजली आपूर्ति और सौर ऊर्जा के उपयोग की व्यवस्था की जाएगी।
- 05सीएपीएफ जवानों द्वारा 2047 तक 2 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
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भारत सरकार ने अपनी अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने के लिए 'स्मार्ट बॉर्डर' प्रोजेक्ट की शुरुआत करने का निर्णय लिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने त्रिपुरा में इस प्रोजेक्ट की घोषणा की, जिसमें BSF और SSB के जवानों की तैनाती के साथ-साथ तकनीकी उपायों का उपयोग किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट सीमाओं पर एक लीक-प्रूफ सुरक्षा ग्रिड बनाने पर केंद्रित है, जो दुश्मनों के लिए भेद पाना मुश्किल बना देगा। इस योजना के तहत 650 किमी पुरानी बाड़ को बदलने के लिए 119 किमी नई बाड़ लगाने की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा, सीमा चौकियों पर 24 घंटे बिजली आपूर्ति और सौर ऊर्जा की व्यवस्था की जाएगी। गृह मंत्री ने यह भी बताया कि सीएपीएफ जवानों ने 2019 से अब तक 7.5 करोड़ पौधे लगाए हैं और अगले वर्ष 2 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाना है।
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सीमाओं की सुरक्षा में सुधार से देश की सुरक्षा में वृद्धि होगी, जिससे नागरिकों को तस्करी और अन्य अपराधों से सुरक्षा मिलेगी।
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