उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन पर 7.18 लाख रुपये का जुर्माना, आयोग ने उठाया सख्त कदम
UP पावर कारपोरेशन पर 7.18 लाख रुपये का जुर्माना, उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग हुआ बेहद गंभीर
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उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने यूपी पावर कारपोरेशन लिमिटेड पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर ग्राहकों को समय पर बिजली सप्लाई न देने के कारण 7.18 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। आयोग ने कहा कि नियमों का उल्लंघन हुआ है और सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया है।
- 01जुर्माना स्मार्ट प्रीपेड मीटर के ग्राहकों को समय पर बिजली न देने के लिए लगाया गया है।
- 02आयोग ने पाया कि 16 दिनों में से 10 दिनों में बिजली सप्लाई बहाल करने का प्रतिशत 95% से कम रहा।
- 03पावर कारपोरेशन ने देरी के लिए तकनीकी समस्याओं का हवाला दिया, जिसे आयोग ने खारिज कर दिया।
- 04जुर्माना 15 दिनों के भीतर जमा करने का निर्देश दिया गया है।
- 05आयोग ने अतिरिक्त बिजली टैरिफ वसूली पर रोक लगाई थी, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिली।
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उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने यूपी पावर कारपोरेशन लिमिटेड पर 7.18 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना स्मार्ट प्रीपेड मीटर के ग्राहकों को निर्धारित समय सीमा में बिजली सप्लाई न देने के कारण लगाया गया है। आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार और सदस्य संजय कुमार सिंह ने यह निर्णय लिया। आयोग ने पाया कि 2019 के परफॉर्मेंस मानक नियमों का उल्लंघन हुआ है, जिसमें कहा गया है कि रिचार्ज के दो घंटे के भीतर बिजली सप्लाई बहाल करनी चाहिए। आयोग ने 16 दिनों के डेटा की समीक्षा की और पाया कि 10 दिनों में 95% अनुपालन की आवश्यकता पूरी नहीं हुई। पावर कारपोरेशन ने तकनीकी समस्याओं का हवाला दिया, जिसे आयोग ने अस्वीकार कर दिया। आयोग ने पावर कारपोरेशन को निर्देश दिया कि वह 15 दिनों के भीतर जुर्माना भरे और सुधारात्मक कदम उठाए। इससे पहले, आयोग ने अतिरिक्त बिजली टैरिफ वसूली पर भी रोक लगाई थी, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिली।
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यह जुर्माना यूपी पावर कारपोरेशन के ग्राहकों को समय पर बिजली सप्लाई न मिलने के कारण लगाया गया है, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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