उत्तर प्रदेश में जलवायु परिवर्तन से खेती को बचाने के उपायों पर चर्चा
'जलवायु परिवर्तन और मिट्टी की बिगड़ती सेहत खेती के लिए सबसे बड़ी चुनौती'; लखनऊ में बोले सूर्य प्रताप शाही

Image: Jagran
उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने लखनऊ में जलवायु परिवर्तन और मिट्टी की बिगड़ती सेहत को खेती के लिए सबसे बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने महिला किसानों को सशक्त बनाने और स्मार्ट कृषि के उपायों पर जोर दिया।
- 01कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने जलवायु परिवर्तन को खेती के लिए सबसे बड़ी चुनौती बताया।
- 02महिला किसानों की भूमिका को महत्वपूर्ण मानते हुए उन्हें सशक्त बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
- 03राज्य में 255 जलवायु स्मार्ट प्रदर्शन प्लाट स्थापित किए जा रहे हैं, जिसमें 20% महिलाओं की भागीदारी होगी।
- 04स्मार्ट एग्रीकल्चर और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
- 05कार्यशाला में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों और स्मार्ट फार्मिंग के उपायों पर चर्चा की गई।
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लखनऊ में आयोजित एक कार्यशाला में उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने जलवायु परिवर्तन और मिट्टी की बिगड़ती सेहत को खेती के लिए सबसे बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के साथ मृदा स्वास्थ्य पर ध्यान देना आवश्यक है। इस दिशा में पूरे देश में 'खेती बचाओ अभियान' चलाया जा रहा है, जिसमें स्मार्ट एग्रीकल्चर और पोषणयुक्त अनाज उगाने को बढ़ावा दिया जा रहा है। मंत्री ने महिला किसानों की भूमिका को महत्वपूर्ण मानते हुए उन्हें सशक्त बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यशाला में 23 जिलों में 255 जलवायु स्मार्ट प्रदर्शन प्लाट स्थापित करने की योजना की जानकारी दी गई, जिसमें 20% महिलाओं की भागीदारी होगी। गेट्स फाउंडेशन की डॉ. अना मारिया लोबोग्रेरियो ने भी परियोजना के तहत किसान अनुकूलन संबंधी उपायों पर चर्चा की।
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महिला किसानों को सशक्त बनाना और स्मार्ट कृषि तकनीकों का उपयोग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सकता है।
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