कुरुक्षेत्र में श्रद्धालुओं ने श्रीमद्भागवत कथा में भाग लिया
Kurukshetra News: श्रद्धालुओं को भक्ति मार्ग से जुड़ने के लिए किया प्रेरित
Amar Ujala
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कुरुक्षेत्र के शास्त्री नगर में श्रीमद्भागवत कथा का समापन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने हवन यज्ञ में भाग लिया और भक्ति मार्ग से जुड़ने के लिए प्रेरित हुए। कथाव्यास पंडित अरुण मिश्रा ने कथा के माध्यम से भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का महत्व बताया।
- 01श्रीमद्भागवत कथा का समापन हवन यज्ञ और भंडारे के साथ हुआ।
- 02कथाव्यास पंडित अरुण मिश्रा ने भक्ति मार्ग की महिमा बताई।
- 03हवन यज्ञ से वातावरण की शुद्धि और आत्मिक बल की प्राप्ति होती है।
- 04कथा सुनने से व्यक्ति के पाप पुण्य में बदल सकते हैं।
- 05भंडारे में नगरवासियों ने प्रसाद ग्रहण किया।
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कुरुक्षेत्र के शास्त्री नगर में शास्त्री नगर सेवा समिति द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का समापन बुधवार को हवन यज्ञ और भंडारे के साथ हुआ। कथाव्यास पंडित अरुण मिश्रा ने कथा के दौरान भक्तों को भक्ति मार्ग से जुड़ने और सत्कर्म करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि हवन यज्ञ से न केवल वातावरण शुद्ध होता है, बल्कि यह व्यक्ति को आत्मिक बल भी प्रदान करता है। कथा के श्रवण से व्यक्ति के पाप पुण्य में बदल सकते हैं और इससे भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का भाव उत्पन्न होता है। कथा समापन के दिन विधि-विधान से पूजा करवाई गई, जिसके बाद नगरवासियों ने हवन में आहुति डाली और भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।
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यह आयोजन स्थानीय श्रद्धालुओं को भक्ति मार्ग से जोड़ने और धार्मिक आस्था को जागृत करने में मदद करता है।
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