ज्वालामुखी मंदिर के स्वर्णिम गुंबद की सफाई और मरम्मत शुरू
Kangra News: ज्वालामुखी मंदिर के 288 साल पुराने स्वर्णिम गुंबद की फिर लौटेगी चमक

Image: Amar Ujala
ज्वालामुखी मंदिर के 288 साल पुराने स्वर्णिम गुंबद की चमक वापस लाने के लिए सफाई और मरम्मत का कार्य शुरू किया गया है। यह कार्य दिल्ली के विशेषज्ञ ज्वेलर विजय की देखरेख में हो रहा है, जो आधुनिक तकनीक का उपयोग कर रहे हैं।
- 01ज्वालामुखी मंदिर का स्वर्णिम गुंबद 1738 में महाराजा रणजीत सिंह द्वारा बनवाया गया था।
- 02गुंबद की सफाई का कार्य आधुनिक तकनीक और सुरक्षित रसायनों से किया जा रहा है।
- 03दिल्ली के विशेषज्ञ ज्वेलर विजय ने इस कार्य का जिम्मा लिया है।
- 04सफाई के साथ-साथ गुंबद के आसपास की लीकेज को भी ठीक किया जा रहा है।
- 05एसडीएम ज्वालामुखी डॉ. संजीव शर्मा ने कार्य का निरीक्षण किया और दिशा-निर्देश दिए।
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ज्वालामुखी, कांगड़ा में स्थित विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी मंदिर के स्वर्णिम गुंबद की चमक को पुनर्स्थापित करने के लिए सफाई और मरम्मत का कार्य शुरू किया गया है। यह गुंबद 288 साल पुराना है और इसका निर्माण 1738 में महाराजा रणजीत सिंह द्वारा किया गया था। मंदिर प्रशासन ने इस ऐतिहासिक धरोहर की सफाई का निर्णय लिया है, जिससे न केवल गुंबद की फीकी पड़ चुकी चमक को वापस लाया जाएगा, बल्कि तकनीकी समस्याओं जैसे लीकेज को भी ठीक किया जाएगा। कार्य की जिम्मेदारी दिल्ली के विशेषज्ञ ज्वेलर विजय ने ली है, जो आधुनिक तकनीक और सुरक्षित रसायनों का उपयोग कर रहे हैं। कार्य की शुरुआत के समय, एसडीएम ज्वालामुखी डॉ. संजीव शर्मा ने निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंदिर पुजारी सभा के प्रधान अविनेंद्र शर्मा ने विश्वास व्यक्त किया है कि कार्य पूरा होने के बाद गुंबद अपनी प्राचीन और दिव्य आभा में लौट आएगा।
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ज्वालामुखी मंदिर की स्वर्णिम गुंबद की सफाई और मरम्मत से मंदिर का सौंदर्य और धार्मिक महत्व बढ़ेगा।
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