गंगा संरक्षण के लिए 10 शहरों में शुरू हो रही शहरी नदी प्रबंधन योजना
नमामी गंगे का अगला बड़ा चरण: 10 प्रमुख शहरों के लिए तैयार हो रही 'शहरी नदी प्रबंधन योजना'

Image: Jagran
राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन ने गंगा बेसिन के तीन राज्यों के 10 शहरों के लिए एकीकृत शहरी नदी प्रबंधन योजना (यूआरएमपी) की शुरुआत की है। इसका उद्देश्य नदियों को कचरा और सीवेज मुक्त रखना है।
- 01यूआरएमपी का उद्देश्य नदियों को कचरा और सीवेज मुक्त रखना है।
- 02इस योजना में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और बिहार के 10 शहर शामिल हैं।
- 03शहरों के मलबे को नदियों में बहाने से रोकने के लिए यह योजना बनाई गई है।
- 04पहले चरण में ऋषिकेश, हल्द्वानी-काठगोदाम, रामनगर, गोरखपुर, शाहजहांपुर, बिजनौर, प्रयागराज, छपरा, बक्सर और गया शामिल हैं।
- 05गंगा बेसिन के शहरों को एक ही खाके पर काम करने के लिए प्रेरित किया गया है।
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राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) ने मंगलवार को घोषणा की कि गंगा बेसिन के तीन राज्यों के 10 शहरों के लिए एकीकृत शहरी नदी प्रबंधन योजना (यूआरएमपी) तैयार की जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य नदियों को कचरा और सीवेज मुक्त रखना है। नमामि गंगा कार्यक्रम के तहत, यह पहल शहरों के मलबे को नदियों में बहाने से रोकने के लिए बनाई गई है। भारत के कई शहर नदियों के किनारे स्थित हैं, और उनकी नालियां सीधे नदियों की ओर बहती हैं, जिससे जल प्रदूषण बढ़ता है। यूआरएमपी को गंगा बेसिन के लिए अपनी तरह की पहली प्रबंधन योजना माना जा रहा है। पहले चरण में उत्तराखंड के ऋषिकेश, हल्द्वानी-काठगोदाम और रामनगर, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, शाहजहांपुर, बिजनौर और प्रयागराज, तथा बिहार के छपरा, बक्सर और गया शामिल हैं। इस योजना के तहत, गंगा बेसिन के ये 10 शहर अब एक ही खाके पर काम कर रहे हैं, जिसमें नदी को शहर का केंद्र माना गया है, न कि बाहरी हिस्सा।
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इस योजना से गंगा नदी के आसपास के शहरों में जल प्रदूषण कम होगा और स्थानीय पर्यावरण में सुधार होगा।
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