सरकार के नए गोल्ड टैक्स से ज्वैलरी शेयरों में गिरावट, Titan और Kalyan Jewellers पर दबाव
सरकार के नए गोल्ड टैक्स से टूटे ज्वैलरी शेयर, Titan से Kalyan Jewellers तक दबाव
Business Standard
Image: Business Standard
भारत सरकार ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क बढ़ाकर 15% करने का निर्णय लिया है, जिससे ज्वैलरी शेयरों में गिरावट आई है। विश्लेषकों का मानना है कि इससे ज्वैलरी की मांग पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, खासकर जब सोने की कीमतें पहले से ही ऊंचाई पर हैं।
- 01सरकार ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क 15% बढ़ाया है।
- 02ज्वैलरी शेयरों में 11.3% तक की गिरावट देखी गई।
- 03उपभोक्ता सोने की बढ़ती कीमतों के कारण खरीदारी टाल सकते हैं।
- 04ज्वैलरी कारोबार में 5-7% की गिरावट की संभावना।
- 05सोने की कुल मांग में 10% की कमी का अनुमान।
Advertisement
In-Article Ad
भारत सरकार ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क को बढ़ाकर 15% करने का निर्णय लिया है, जिसका असर ज्वैलरी शेयरों पर पड़ा है। इस निर्णय के बाद ज्वैलरी कंपनियों के शेयर, जैसे कि Titan और Kalyan Jewellers, में 11.3% तक की गिरावट देखी गई। विश्लेषकों का कहना है कि बढ़ते आयात शुल्क के कारण ज्वैलरी की मांग में कमी आ सकती है, खासकर जब सोने की कीमतें पहले से ही रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं। इस साल जनवरी में सोने की कीमतें 1,93,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई थीं, लेकिन वर्तमान में यह 1,63,988 रुपये पर कारोबार कर रही हैं। नए नियम 13 मई, 2026 से लागू होंगे, जिसमें मूल सीमा शुल्क को 4.35% से बढ़ाकर 10% किया गया है। इससे ज्वैलरी कारोबार में 5-7% की गिरावट और कुल सोने की मांग में 10% की कमी का अनुमान है।
Advertisement
In-Article Ad
नए गोल्ड टैक्स के कारण ज्वैलरी की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे उपभोक्ता कम खरीदारी कर सकते हैं। इससे ज्वैलरी कारोबारियों के मुनाफे पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि नए गोल्ड टैक्स से ज्वैलरी की मांग में कमी आएगी?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




