बांग्लादेश डिपोर्ट किए गए सोनाली खातून के परिवार की भारत वापसी का आदेश
बांग्लादेश डिपोर्ट किए गये सोनाली खातून के परिवार की होगी वतन वापसी, सुप्रीम कोर्ट में बोली केंद्र सरकार

Image: Jagran
भारत सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि वह बांग्लादेश भेजे गए सोनाली खातून और उनके परिवार को वापस लाएगी। उनकी नागरिकता की स्थिति की जांच की जाएगी। यह निर्णय कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के बाद लिया गया है, जिसने उनके डिपोर्टेशन को अवैध ठहराया था।
- 01सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को 8-10 दिन में सोनाली खातून और उनके परिवार को वापस लाने का निर्देश दिया है।
- 02सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि नागरिकता की स्थिति की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
- 03कलकत्ता हाईकोर्ट ने 26 सितंबर 2025 को केंद्र के डिपोर्टेशन आदेश को अवैध ठहराया था।
- 04सोनाली खातून और उनके बच्चे को पिछले साल दिसंबर में मानवीय आधार पर भारत में प्रवेश की अनुमति मिली थी।
- 05हाईकोर्ट ने कहा कि अवैध प्रवासियों को भेजने से पहले उचित जांच जरूरी है।
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भारत सरकार ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि वह बांग्लादेश भेजे गए सोनाली खातून और उनके परिवार को वापस लाने का निर्णय लिया है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि यह प्रक्रिया 8-10 दिन में पूरी हो सकती है। इसके बाद उनकी भारतीय नागरिकता के दावों की जांच की जाएगी। यह निर्णय कलकत्ता हाईकोर्ट के उस आदेश के बाद आया है, जिसमें केंद्र के डिपोर्टेशन को अवैध ठहराया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही सोनाली खातून और उनके आठ वर्षीय बच्चे को भारत में प्रवेश की अनुमति दी थी, और पश्चिम बंगाल सरकार को नाबालिग की देखभाल और खातून को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। परिवार का आरोप है कि वे पिछले दो दशकों से दिल्ली में रह रहे थे और उन्हें बिना उचित जांच के बांग्लादेश भेजा गया। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी थी कि इस तरह की जल्दबाजी से न्यायिक माहौल प्रभावित हो सकता है।
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सोनाली खातून और उनके परिवार की वापसी से उन लोगों को राहत मिलेगी जो भारत में लंबे समय से रह रहे थे और जिन्हें अवैध रूप से डिपोर्ट किया गया था।
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