भारत-अफ्रीका शिखर सम्मेलन इबोला के खतरे के कारण स्थगित
इबोला के बढ़ते खतरे के बीच टला भारत-अफ्रीका शिखर सम्मलेन, दिल्ली में होना था कार्यक्रम
-1779363067425.webp&w=1200&q=75)
Image: Jagran
भारत और अफ्रीकी संघ के बीच प्रस्तावित शिखर सम्मेलन, जो 28 मई 2026 को नई दिल्ली में होना था, इबोला वायरस के बढ़ते प्रकोप के कारण स्थगित कर दिया गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है, जबकि भारत में अभी तक कोई इबोला का मामला नहीं पाया गया है।
- 01शिखर सम्मेलन को स्थगित करने का निर्णय भारत और अफ्रीकी संघ के बीच चर्चा के बाद लिया गया।
- 02डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो के साउथ किवु प्रांत में नए इबोला मामलों की रिपोर्ट हुई है।
- 03भारत में इबोला का कोई मामला नहीं है, लेकिन सरकार ने निगरानी और तैयारियों को बढ़ा दिया है।
- 04सरकार ने हवाई अड्डों पर स्क्रीनिंग और क्वारंटाइन प्रोटोकॉल को सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी किए हैं।
- 05इबोला वायरस के बुंडीबुग्यो वैरिएंट से जुड़ा वर्तमान प्रकोप है, जो जायर वैरिएंट जितना घातक नहीं है।
Advertisement
In-Article Ad
भारत और अफ्रीकी संघ के बीच होने वाला शिखर सम्मेलन, जो 28 मई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होना था, इबोला वायरस के बढ़ते प्रकोप के कारण स्थगित कर दिया गया है। केंद्र सरकार ने इस निर्णय की पुष्टि करते हुए कहा कि अफ्रीका के कई हिस्सों में घातक इबोला वायरस के मामले सामने आए हैं, विशेष रूप से डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) के साउथ किवु प्रांत में। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है। दोनों पक्षों ने स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए सम्मेलन को बाद की तारीख पर आयोजित करने का निर्णय लिया है। भारत में अभी तक इबोला का कोई मामला नहीं है, लेकिन सरकार ने पूरे देश में निगरानी और तैयारियों को बढ़ा दिया है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हवाई अड्डों पर प्री-अराइवल और पोस्ट-अराइवल स्क्रीनिंग, क्वारंटाइन प्रोटोकॉल, केस मैनेजमेंट, रेफरल मैकेनिज्म और लैब टेस्टिंग के लिए मानक संचालन प्रक्रियाएं (SOPs) सुनिश्चित करें। इस स्थगन को स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देने का एक उदाहरण माना जा रहा है।
Advertisement
In-Article Ad
इस स्थगन से भारत में स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देने का संकेत मिलता है, जो भविष्य में इबोला के संभावित मामलों से निपटने में मदद करेगा।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि इबोला जैसी बीमारियों के लिए भारत को और अधिक सतर्क रहना चाहिए?
Connecting to poll...
More about विश्व स्वास्थ्य संगठन
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।



-1779353648637.webp&w=1200&q=75)

