पश्चिम बंगाल चुनाव: 60% मतदाता चुप, प्रदीप गुप्ता का चौंकाने वाला दावा
’10 में से 6’ वोटर चुप! बंगाल सियासत का सुपरहिट सस्पेंस, प्रदीप गुप्ता का बंगाल चुनाव पर सबसे चौंकाने वाला दावा!
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पश्चिम बंगाल के चुनावों में केवल 40% मतदाता ही अपनी पसंद बता रहे हैं, जबकि 60% चुप्पी साधे हुए हैं। प्रदीप गुप्ता (एक्सिस माय इंडिया के चेयरमैन) ने बताया कि यह स्थिति चुनावी डर और मतदाता सूची में संशोधनों के कारण है।
- 01पश्चिम बंगाल में 60% मतदाता अपनी पसंद नहीं बता रहे हैं।
- 02प्रदीप गुप्ता ने 81 चुनावों में से 74 बार सही अनुमान लगाया है।
- 03मतदाता सूची में संशोधन से लोगों में डर का माहौल है।
- 04पहले चरण में 93% मतदान हुआ था।
- 052016 के चुनावों की तुलना में चुप्पी का स्तर दोगुना हो गया है।
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पश्चिम बंगाल के चुनावों में मतदाता अपनी पसंद बताने में हिचकिचा रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि 60% मतदाता चुप्पी साधे हुए हैं। प्रदीप गुप्ता (एक्सिस माय इंडिया के चेयरमैन) ने बताया कि इस बार के चुनाव में केवल 2-3 लोग ही अपनी पसंद बताने को तैयार थे। उन्होंने यह भी बताया कि देश के अन्य हिस्सों में यह आंकड़ा लगभग 10% है, जबकि गुजरात में 20% और उत्तर-पूर्व में 15-20% है। बंगाल में यह चुप्पी चुनावी डर और मतदाता सूची के 'विशेष गहन संशोधन' के कारण है, जिसके चलते लोगों को डर है कि अगर उन्होंने किसी विशेष पार्टी का नाम लिया, तो उनका नाम मतदाता सूची से काटा जा सकता है। पहले चरण में 93% मतदान हुआ था, लेकिन यदि नामों को हटाकर वोटर लिस्ट में कटौती की गई, तो कुल मतदाताओं की संख्या कम हो गई। प्रदीप गुप्ता ने उदाहरण देकर समझाया कि यदि मतदान करने वाले 84 लोगों को 90 मतदाताओं में से भाग दिया जाए, तो मतदान प्रतिशत 92% से भी ज्यादा दिखाई देगा।
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इस स्थिति से चुनावी प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है, जिससे सही प्रतिनिधित्व में कमी आ सकती है।
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