पश्चिम बंगाल में Exit Polls सर्वे में चुनौतियाँ: प्रदीप गुप्ता का बयान
'डर और चुप्पी...', Axis My India के चीफ ने NDTV को बताया- बंगाल में कितना मुश्किल है Exit Polls सर्वे
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एक्सिस माय इंडिया के चेयरमैन प्रदीप गुप्ता ने NDTV को बताया कि पश्चिम बंगाल में Exit Polls सर्वे के दौरान उनके सर्वेक्षकों को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि 60% मतदाता अपनी पसंद बताने में असमर्थ हैं, जो कि अन्य राज्यों की तुलना में बहुत अधिक है।
- 01पश्चिम बंगाल में 60% मतदाता अपनी पसंद बताने में असमर्थ हैं।
- 02सर्वेक्षकों को 24 दिनों तक जेल में रहना पड़ा।
- 03मतदाता सूचियों में नाम हटाने का डर लोगों को चुप रहने पर मजबूर कर रहा है।
- 04गुजरात और उत्तर-पूर्व में यह आंकड़ा 20% और 15-20% है।
- 052016 के चुनावों की तुलना में चुप्पी का प्रतिशत दोगुना हो गया है।
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एक्सिस माय इंडिया के चेयरमैन प्रदीप गुप्ता ने NDTV से बातचीत में पश्चिम बंगाल में Exit Polls सर्वे के दौरान आई कठिनाइयों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी के सर्वेक्षकों को 24 दिनों तक जेल में रहना पड़ा क्योंकि उन्होंने मतदाताओं से उनकी पसंद पूछी थी। गुप्ता के अनुसार, पश्चिम बंगाल में 60% मतदाता अपनी पसंद बताने को तैयार नहीं हैं, जबकि अन्य राज्यों में यह आंकड़ा लगभग 10% है। उन्होंने बताया कि यह चुप्पी 'डर और विशेष गहन संशोधन' (SIR) के कारण है, जिसके चलते कई मतदाता नाम हटाने के डर से अपनी राय नहीं बता रहे हैं। गुप्ता ने यह भी कहा कि यदि 2016 के चुनावों की तुलना में मतदान प्रतिशत की बात करें, तो इस बार मतदान की संख्या कम हो सकती है।
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यह स्थिति चुनावी सर्वेक्षणों की सटीकता को प्रभावित कर सकती है, जिससे राजनीतिक दलों को सही आंकड़े प्राप्त नहीं हो पाएंगे।
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