आम आदमी पार्टी में बगावत: 7 सांसदों का बीजेपी में विलय
7 सांसदों के एग्जिट ने बढ़ा दी केजरीवाल की टेंशन, लोकसभा सांसदों के साथ पंजाब के विधायकों को बचाए रखना अब बड़ी चुनौती
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आम आदमी पार्टी (AAP) के 10 राज्यसभा सांसदों में से 7 ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में विलय की घोषणा की है। इस बगावत से लोकसभा और पंजाब विधानसभा में AAP की स्थिति पर सवाल उठने लगे हैं, खासकर आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर।
- 017 सांसदों ने आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में विलय किया।
- 02इस बगावत का असर लोकसभा और पंजाब विधानसभा पर पड़ सकता है।
- 03बचे 3 सांसदों को बनाए रखना AAP के लिए चुनौती है।
- 04पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पार्टी की एकता का दावा किया।
- 05आगामी विधानसभा चुनावों में AAP की स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं।
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आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए शुक्रवार को एक बुरी खबर आई जब उसके 10 में से 7 राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में विलय करने का ऐलान किया। इनमें राघव चड्ढा, संदीप पाठक, स्वाति मालीवाल और अशोक मित्तल जैसे प्रमुख सांसद शामिल हैं। इस बगावत के चलते AAP को अपने तीन लोकसभा सांसदों को बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है। सूत्रों के अनुसार, यदि इनमें से दो सांसद भी बीजेपी में शामिल होते हैं, तो यह AAP के लिए एक बड़ा झटका होगा। पंजाब में भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार की स्थिरता पर भी सवाल उठने लगे हैं, खासकर अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर। हालांकि, मुख्यमंत्री मान ने दावा किया है कि उनकी पार्टी राज्य में एकजुट है और उन्हें कोई खतरा नहीं है। AAP के लिए अपने कुनबे को समेटना अगले कुछ महीनों में आसान नहीं होगा।
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AAP के सांसदों के बगावत से पार्टी की स्थिति कमजोर हो सकती है, जिससे पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों में उनके प्रदर्शन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
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