Waaree Energies को विदेशी राजस्व में 20% गिरावट का सामना
Waaree Energies को तगड़ा झटका, विदेशी राजस्व 20% गिरा और मुनाफे पर बढ़ा दबाव
Business Standard
Image: Business Standard
वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में Waaree Energies का विदेशी बाजारों से राजस्व 20% घटा, जिसका मुख्य कारण पश्चिम एशिया में लॉजिस्टिक समस्याएं हैं। कंपनी के मुनाफे पर बढ़ती कमोडिटी कीमतों का भी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
- 01Waaree Energies का विदेशी राजस्व 20% गिरा।
- 02पश्चिम एशिया संकट के कारण लॉजिस्टिक समस्याएं मुख्य कारण।
- 03मार्जिन 18.6% रहा, पिछले साल 23% था।
- 04कंपनी अगले दो सालों में 30,000 करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च करेगी।
- 05कमोडिटी कीमतों में वृद्धि से मुनाफे पर दबाव बढ़ा।
Advertisement
In-Article Ad
वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में Waaree Energies का विदेशी बाजारों से मिलने वाला राजस्व 20% घट गया। कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी अभिषेक पारेख ने बताया कि पश्चिम एशिया में संकट के कारण लॉजिस्टिक संबंधी दिक्कतों ने इस गिरावट में भूमिका निभाई। इस तिमाही में कंपनी का मार्जिन 18.6% रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 23% था। बढ़ती कमोडिटी कीमतों, विशेषकर चांदी, तांबे और एल्युमीनियम की कीमतों ने भी मुनाफे पर दबाव डाला है। कंपनी अगले दो वर्षों में 30,000 करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च करने की योजना बना रही है, जिसमें बैटरी ऊर्जा भंडारण, इंगट और वेफर विनिर्माण, और अन्य क्षेत्रों में निवेश शामिल है।
Advertisement
In-Article Ad
इस गिरावट का असर कंपनी के कर्मचारियों और शेयरधारकों पर पड़ सकता है, साथ ही यह अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश के निर्णयों को प्रभावित कर सकता है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि Waaree Energies को अपने विदेशी बाजारों में सुधार करने के लिए नई रणनीतियों की आवश्यकता है?
Connecting to poll...
More about Waaree Energies
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।






