भारत में हिंदी के बाद सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा बंगाली
हिंदी नहीं... भारत में सबसे ज्यादा बोली जाती है ये भाषा! 1300 साल पुराना है इतिहास

Image: Zee News
भारत में भाषाई विविधता अत्यधिक है, जहां हिंदी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है, जिसके बाद बंगाली का स्थान है। 2011 की जनगणना के अनुसार, लगभग 9.72 करोड़ लोग बंगाली बोलते हैं, जो कुल आबादी का 8.03 प्रतिशत है। बंगाली भाषा का इतिहास लगभग 1300 साल पुराना है और यह मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा में बोली जाती है।
- 01भारत में 121 प्रमुख भाषाएं और 1600 से अधिक बोलियां बोली जाती हैं।
- 02हिंदी बोलने वालों की संख्या 52.83 करोड़ है, जो कुल आबादी का 43.63 प्रतिशत है।
- 03बंगाली भाषा बोलने वालों की संख्या 9.72 करोड़ है, जो कुल आबादी का 8.03 प्रतिशत है।
- 04बंगाली साहित्य का इतिहास समृद्ध है, जिसमें रवींद्रनाथ टैगोर जैसे महान साहित्यकार शामिल हैं।
- 05मराठी भाषा तीसरे स्थान पर है, जिसे 8.39 करोड़ लोग बोलते हैं।
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भारत की भाषाई विविधता इसे एक अनोखा देश बनाती है, जहां हर कुछ किलोमीटर पर भाषा और संस्कृति बदल जाती है। 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में 121 प्रमुख भाषाएं और 1600 से अधिक बोलियां बोली जाती हैं। हिंदी, जो कि सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है, को लगभग 52.83 करोड़ लोग बोलते हैं, जो कुल आबादी का 43.63 प्रतिशत है। इसके बाद, बंगाली भाषा का स्थान है, जिसे 9.72 करोड़ लोग बोलते हैं, जो भारत की कुल आबादी का 8.03 प्रतिशत है। बंगाली भाषा का इतिहास लगभग 1300 साल पुराना है और यह मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा में बोली जाती है। इसके अलावा, मराठी भाषा भी महत्वपूर्ण है, जिसे 8.39 करोड़ लोग बोलते हैं। भारतीय भाषाएं केवल संवाद का माध्यम नहीं हैं, बल्कि ये देश की समृद्ध संस्कृति और परंपरा की पहचान भी हैं।
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भारत की भाषाई विविधता स्थानीय सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने में मदद करती है और विभिन्न समुदायों के बीच संवाद को बढ़ावा देती है।
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