दिल्ली-एनसीआर में 21-23 मई को चक्का जाम, ट्रांसपोर्टर्स की चेतावनी
दिल्ली-एनसीआर वाले...घर से सोच-समझकर ही निकलें, 3 दिन महाजाम का ऐलान, लाखों गाड़ियों के थम जाएंगे पहिए!
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दिल्ली-एनसीआर में 21 से 23 मई तक ट्रांसपोर्ट यूनियनों द्वारा चक्का जाम का ऐलान किया गया है, जिससे लाखों गाड़ियों की आवाजाही प्रभावित होगी। ट्रांसपोर्टर्स ग्रीन टैक्स में वृद्धि और BS-4 वाहनों पर पाबंदी के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। सरकार की नीतियों को लेकर नाराजगी के चलते यह आंदोलन किया जा रहा है।
- 01ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्टर्स कांग्रेस (AIMTC) ने 21, 22 और 23 मई को चक्का जाम का ऐलान किया है।
- 02ट्रांसपोर्टर्स का कहना है कि ग्रीन टैक्स में वृद्धि के कारण उनका मुनाफा खत्म हो गया है।
- 03BS-4 डीजल वाहनों पर 1 नवंबर से पाबंदी का ट्रांसपोर्टर्स विरोध कर रहे हैं।
- 04गुरुग्राम ट्रांसपोर्टर्स वेलफेयर एसोशिएसन के प्रधान हुक्म सिंह ने कहा कि आवश्यक वस्तुओं की गाड़ियों को दिल्ली में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
- 05हड़ताल के दौरान गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद से दिल्ली आने-जाने वाले कमर्शियल वाहनों को रोका जाएगा।
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दिल्ली-एनसीआर में आने वाले दिनों में 21 से 23 मई तक चक्का जाम का ऐलान किया गया है। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्टर्स कांग्रेस (AIMTC) ने यह कदम सरकार की नीतियों के खिलाफ उठाया है, जिसमें ग्रीन टैक्स में बेतहाशा वृद्धि और BS-4 डीजल वाहनों पर आगामी पाबंदी शामिल है। ट्रांसपोर्टर्स का आरोप है कि इन नीतियों के कारण उनका मुनाफा खत्म हो गया है और गाड़ियों का संचालन मुश्किल हो गया है। गुरुग्राम ट्रांसपोर्टर्स वेलफेयर एसोशिएसन के नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती है, तो यह आंदोलन राष्ट्रव्यापी और उग्र रूप ले सकता है। हड़ताल के दौरान लाखों गाड़ियों की आवाजाही दिल्ली की सीमाओं में नहीं होगी, जिससे आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। ट्रांसपोर्टर्स ने कहा है कि आवश्यक वस्तुओं की गाड़ियों को भी दिल्ली में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
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इस चक्का जाम के चलते दिल्ली-एनसीआर में लोगों को दैनिक आवश्यकताओं की वस्तुओं की कमी का सामना करना पड़ सकता है।
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