भारत में जिमीकंद की खेती: पश्चिम बंगाल है प्रमुख उत्पादक राज्य
भारत का वो राज्य, जो उगाता है हाथी के पैर जैसी दिखने वाली 'दुर्लभ' सब्जी; कहलाता देश की ‘जिमीकंद कैपिटल’
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भारत में जिमीकंद, जिसे हाथी के पैर जैसी सब्जी कहा जाता है, की खेती मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल में होती है, जो देश का 'जिमीकंद कैपिटल' है। इस सब्जी का उत्पादन लगभग 2 लाख टन है, जो कुल उत्पादन का 34% है। जिमीकंद पौष्टिकता से भरपूर है और इसे विभिन्न प्रकार से पकाया जाता है।
- 01जिमीकंद का वैज्ञानिक नाम Amorphophallus paeoniifolius है और यह दक्षिण-पूर्व एशिया का मूल निवासी है।
- 02भारत में जिमीकंद की खेती लगभग 40,000-42,000 हेक्टेयर क्षेत्र में होती है।
- 03पश्चिम बंगाल में जिमीकंद का उत्पादन 2,08,095 टन है, जो देश के कुल उत्पादन का 34.31% है।
- 04जिमीकंद को छायादार जगहों पर उगाया जाता है और इसकी फसल तैयार करने में 6-8 महीने लगते हैं।
- 05दिल्ली-एनसीआर में जिमीकंद की कीमत 50 से 80 रुपये प्रति किलो है।
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भारत में जिमीकंद, जिसे हाथी के पैर जैसी सब्जी के नाम से भी जाना जाता है, एक दुर्लभ कंद वाली सब्जी है। इसका वैज्ञानिक नाम Amorphophallus paeoniifolius है और इसकी उत्पत्ति दक्षिण-पूर्व एशिया से मानी जाती है। भारत में इसकी खेती मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल में होती है, जहां इसका उत्पादन 2,08,095 टन है, जो देश के कुल उत्पादन का 34.31% है। जिमीकंद का कंद हाथी के पैर के समान बड़ा और खुरदुरा होता है, जिसका गूदा सफेद या हल्का गुलाबी रंग का होता है। यह सब्जी पौष्टिकता और औषधीय गुणों से भरपूर है, जिसमें डाइटरी फाइबर, पोटैशियम, मैग्नीशियम, और विटामिन A एवं C शामिल हैं। इसे वजन नियंत्रण, मधुमेह नियंत्रण और पाचन तंत्र के लिए लाभकारी माना जाता है। जिमीकंद की खेती के लिए छायादार स्थानों का चयन किया जाता है और इसकी फसल तैयार करने में 6-8 महीने लगते हैं। दिल्ली-एनसीआर में इसकी कीमत 50 से 80 रुपये प्रति किलो है।
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जिमीकंद की खेती से किसानों को बेहतर आय और पोषण मिलता है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।
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