सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा हिंसा आरोपितों को न्यायिक हिरासत में रखा
'न्यायिक हिरासत में ही रहेंगे नोएडा हिंसा के आरोपित', सुप्रीम कोर्ट का सख्त आदेश

Image: Jagran
सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा में औद्योगिक श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार आदित्य आनंद और रूपेश राय को न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया। अदालत ने आरोपितों के साथ पुलिस द्वारा कथित प्रताड़ना पर चिंता जताई, लेकिन कहा कि वे कानून के अनुसार राहत मांग सकते हैं।
- 01सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कानून अपना काम करेगा और दोनों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में रखा जाएगा।
- 02आरोपितों ने पुलिस हिरासत में प्रताड़ना के बारे में अदालत को जानकारी दी।
- 03अदालत ने कहा कि आरोपितों को जांच में पुलिस के साथ सहयोग करना चाहिए।
- 04आदित्य आनंद के भाई केशव आनंद की याचिका पर सुनवाई की गई, जिसमें पुलिस की कथित हिंसा का आरोप लगाया गया।
- 05उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी के साथ गरिमापूर्ण व्यवहार की आवश्यकता पर बल दिया।
Advertisement
In-Article Ad
सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा में औद्योगिक श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार आदित्य आनंद और रूपेश राय को न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया है। यह आदेश 15 मई के आदेश के अनुसार दिया गया। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ ने दोनों आरोपितों से बातचीत की, जिसमें उन्होंने पुलिस हिरासत में अपने साथ हुई कथित प्रताड़ना के बारे में जानकारी दी। जस्टिस भुइयां ने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आरोपितों के साथ इस तरह का बर्ताव नहीं होना चाहिए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि याचिका लंबित रहने के कारण आरोपितों को कानून के अनुसार राहत मांगने में कोई बाधा नहीं होगी। साथ ही, अदालत ने आरोपितों को निर्देश दिया कि वे जांच में पुलिस के साथ सहयोग करें। इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश एएसजी केएम नटराज ने सभी के साथ गरिमापूर्ण व्यवहार की आवश्यकता पर जोर दिया।
Advertisement
In-Article Ad
इस निर्णय का प्रभाव स्थानीय समुदाय पर पड़ सकता है, विशेषकर उन लोगों पर जो श्रमिकों के अधिकारों और पुलिस बर्ताव को लेकर चिंतित हैं।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि पुलिस को हिरासत में गरिमापूर्ण व्यवहार करना चाहिए?
Connecting to poll...
More about उत्तर प्रदेश सरकार
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।







