मौनी रॉय का कान्स में शानदार डेब्यू: 700 साल पुरानी कला का जलवा
40 बरस की मौनी का नहीं थम रहा ग्लैमर, 240 घंटों में बनी ड्रेस पहन कान्स में बिखेरा जलवा, 700 साल पुराना है इतिहास
Image: Nbt Navbharattimes
मौनी रॉय, जो हाल ही में अपने तलाक के कारण चर्चा में हैं, कान्स फिल्म फेस्टिवल में अपनी फिल्म 'बॉम्बे स्टोरीज' के पोस्टर लॉन्च के लिए गईं। उन्होंने 240 घंटे में बनी एक खूबसूरत ब्लू गाउन पहनी, जिसमें 700-800 साल पुरानी गुजराती पटोला कला का प्रयोग किया गया। उनका लुक आधुनिकता और परंपरा का बेहतरीन मेल था।
- 01मौनी रॉय ने कान्स में द हाउस ऑफ पटोला द्वारा डिजाइन की गई एक हैंडक्राफ्टेड ड्रेस पहनी, जिसमें 240 घंटे का समय लगा।
- 02ड्रेस पर गुजरात की पारंपरिक पटोला एम्ब्रॉयडरी की गई है, जो भारतीय हस्तशिल्प को दर्शाती है।
- 03पटोला कला की शुरुआत लगभग 700-800 साल पहले हुई थी, जो मुख्य रूप से सालवी समुदाय के बुनकरों द्वारा विकसित की गई थी।
- 04मौनी ने अपने लुक को और आकर्षक बनाने के लिए कोई जूलरी नहीं पहनी, केवल एक डायमंड रिंग के साथ सटल मेकअप किया।
- 05पटोला वर्क अब केवल साड़ियों तक सीमित नहीं है, बल्कि लहंगा, जैकेट, कुर्ती और अन्य आउटफिट्स में भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
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मौनी रॉय, जो हाल ही में अपने तलाक की वजह से सुर्खियों में हैं, कान्स फिल्म फेस्टिवल में अपनी फिल्म 'बॉम्बे स्टोरीज' के पोस्टर और टीजर लॉन्च के लिए गईं। इस अवसर पर उन्होंने एक अद्भुत ब्लू गाउन पहना, जिसे द हाउस ऑफ पटोला ने डिजाइन किया है। इस गाउन में 700-800 साल पुरानी गुजराती पटोला कला का प्रयोग किया गया है, जो भारतीय संस्कृति और हस्तशिल्प का प्रतीक है। मौनी का यह लुक ट्रेडिशनल और मॉडर्न का बेहतरीन मेल था। उन्होंने अपनी ड्रेस को बिना किसी जूलरी के पहना, जिससे गाउन की खूबसूरती और भी बढ़ गई। इस ड्रेस को बनाने में कारीगरों ने 240 घंटे का समय लगाया। पटोला कला की शुरुआत सालवी समुदाय के बुनकरों द्वारा की गई थी और यह अब आधुनिक फैशन का हिस्सा बन चुकी है। मौनी का यह लुक न केवल भारतीय फैशन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करता है, बल्कि यह दर्शाता है कि कैसे पारंपरिक कला को आधुनिकता के साथ जोड़ा जा सकता है।
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मौनी रॉय का यह लुक भारतीय फैशन और संस्कृति को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करता है, जिससे भारतीय हस्तशिल्प को बढ़ावा मिलता है।
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