हिमाचल हाईकोर्ट ने हिमकेयर योजना के लंबित बिलों का सत्यापन दो हफ्ते में करने का दिया आदेश
अदालत: हिमाचल हाईकोर्ट ने कहा- हिमकेयर योजना में निजी अस्पतालों के लंबित बिलों का दो हफ्ते में करो सत्यापन
Amar Ujala
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हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने हिमकेयर योजना के तहत निजी अस्पतालों के लंबित बिलों का सत्यापन करने का आदेश दिया है, जो कि राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की जांच से स्वतंत्र होगा। अदालत ने स्वास्थ्य सचिव और अन्य अधिकारियों के साथ सकारात्मक चर्चा के बाद यह निर्णय लिया।
- 01हिमाचल हाईकोर्ट ने निजी अस्पतालों के लंबित बिलों का सत्यापन दो हफ्ते में करने का आदेश दिया।
- 02लगभग 17 करोड़ रुपये की राशि लंबित बिलों के लिए उपलब्ध है।
- 03अगली सुनवाई 18 मई 2026 को होगी।
- 04डायलिसिस से संबंधित सभी लंबित बिलों का तुरंत भुगतान किया जाएगा।
- 05अदालत ने राज्य सरकार को आयुष्मान भारत योजना के समझौता ज्ञापन को रिकॉर्ड पर रखने का निर्देश दिया।
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हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने हिमकेयर योजना के तहत निजी अस्पतालों के लंबित बिलों के सत्यापन की प्रक्रिया को दो हफ्ते में पूरा करने का आदेश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की जांच से स्वतंत्र होगी। सुनवाई के दौरान स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा, स्वास्थ्य सेवा निदेशक जितेंद्र सांजटा और विशेष सचिव (स्वास्थ्य) एवं सीईओ अश्विनी कुमार शर्मा ने व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होकर जानकारी दी। अदालत को सूचित किया गया कि लंबित बिलों के वितरण के लिए लगभग 17 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध है। अदालत ने प्रतिवादी केंद्र सरकार को पिछले आदेशों का पालन करने का निर्देश दिया और राज्य सरकार को आयुष्मान भारत योजना से संबंधित समझौता ज्ञापन रिकॉर्ड पर रखने को कहा। मामले की अगली सुनवाई 18 मई 2026 को होगी। अदालत ने यह भी कहा कि भले ही सितंबर 2024 से निजी अस्पतालों में हिमकेयर योजना का संचालन बंद हो जाए, लेकिन डायलिसिस की सुविधा जारी रहेगी और संबंधित बिलों का तुरंत भुगतान किया जाएगा।
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इस निर्णय से निजी अस्पतालों में उपचार करवा रहे मरीजों को राहत मिलेगी, क्योंकि लंबित बिलों का भुगतान जल्द किया जाएगा।
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